

प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी का असर अब केवल लोगों पर ही नहीं, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक और मेडिकल मशीनों पर भी दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम चालू करते ही ‘हीट वार्निंग’ के मैसेज आने लगे हैं। वहीं सिम्स अस्पताल में सोनोग्राफी और सिटी स्कैन मशीनों में भी तकनीकी एरर आने की शिकायत सामने आई है।
मंगलवार को प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा में 45.1 डिग्री, में 45.7 डिग्री और में भी तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच गया। लगातार बढ़ती गर्मी और गर्म हवाओं के कारण दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। बाजारों और दफ्तरों में भी लोगों की आवाजाही कम हो गई है।

मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण बिहार और आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण तथा द्रोणिका के प्रभाव से फिलहाल प्रदेश का मौसम शुष्क बना हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों तक तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। हालांकि 29 मई से मौसम में परिवर्तन शुरू हो सकता है, जिससे कई जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि 29 मई से प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हो सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।
दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक तेज धूप में बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। अधिक पानी और तरल पदार्थ लेने, हल्के सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है। लू से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा रखने की सलाह भी दी गई है।
