

में भू-जल स्तर को सुधारने और वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और नगर निगम ने एक महत्वपूर्ण अभियान की शुरुआत की है। “भू जल संजीवनी” नामक इस अभियान के तहत क्रेडाई के सहयोग से नगर निगम क्षेत्र में 50 इंजेक्ट वेल बनाए जाएंगे। अभियान की शुरुआत मोपका स्थित “एक पेड़ माँ के नाम” उद्यान से की गई।
कलेक्टर के निर्देश पर जिले में वर्षा जल संचयन और भू-जल संवर्धन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इंजेक्ट वेल निर्माण का कार्य शुरू किया गया है, जिससे वर्षा जल सीधे जमीन के भीतर पहुंच सके और भू-जल स्तर में वृद्धि हो सके।

कार्यक्रम में निगम आयुक्त भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को आगामी 15 दिनों के भीतर सभी जोन क्षेत्रों में इंजेक्ट वेल निर्माण पूरा करने के लिए कहा गया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। इंजेक्ट वेल के माध्यम से वर्षा जल का बेहतर उपयोग होगा और भविष्य में संभावित जल संकट से राहत मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से भी जल संरक्षण के प्रति जागरूक होकर सहयोग करने की अपील की।
निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से 50 इंजेक्ट वेल बनाए जाएंगे। इसके लिए ऐसे स्थानों का चयन किया गया है जहां वर्षा जल का अधिक संग्रहण होता है। पीएचई और नगर निगम की टीम द्वारा फ्रेक्चर जोन का सर्वे कर उपयुक्त स्थलों का चयन पहले ही किया जा चुका है।
इस पहल को शहर में जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में एमआईसी सदस्य तिलक साहू, ईई अनुपम तिवारी, सब इंजीनियर आशीष पाण्डेय, भूषण पैकरा सहित क्रेडाई के प्रतिनिधि सुशील पटेरिया, अजय श्रीवास्तव, सुहैल हक, ब्रजेश साहू, हेमंत जीवनानी, नसीम खान, राहुल उबरानी और सोनू ग्वालानी समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।
