

स्थित गौसेवा धाम में गुजराती युवा मंडल के तत्वावधान में गौसेवा, संरक्षण और संवर्धन को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं ने गौमाता की पूजा-अर्चना कर गौवंश की सेवा एवं संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान गौमाता को छप्पन भोग अर्पित किए गए तथा घायल गौवंशों के उपचार के लिए दवाइयां भी समर्पित की गईं।

गुजराती युवा मंडल के अध्यक्ष ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को गौसंरक्षण के महत्व को समझना होगा। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की तरह श्रद्धा और पूज्य भाव से गौवंश की सेवा करना भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि गौमाता के रोम-रोम में तैंतीस कोटि देवी-देवताओं का वास माना गया है तथा गौमाता का दूध मानव जीवन के लिए अमृत समान है।
कार्यक्रम में आचार्य ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इस अवसर पर गौसेवा धाम परिसर को तोरणद्वार एवं फूलों से सजाकर उत्सव का वातावरण बनाया गया।

कार्यक्रम में गुजराती युवा मंडल के सचिव कुणाल भाई ठक्कर, कोषाध्यक्ष मित्तल भाई ठक्कर, अंकित भाई चौहान, शीतल भाई राठौर, विकास भाई भानुशाली, किरीट भाई सावरिया, मयंक भाई राठौर, पीयूष भाई परमार, भाविक भाई सावरिया, श्रेयांश भाई बरई, श्रीजय भाई ठक्कर, विशाल भाई कक्कड़ सहित बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।
महिला मंडल अध्यक्ष हीना बेन पारेख एवं हेतल बेन सहित के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। वहीं के गौसेवक विपुल शर्मा, गोपाल कृष्ण रामानुज दास, डॉ. भावेश कुमार साहू, शुभम मिश्रा और शत्रुघ्न कृष्ण समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

