
शशि मिश्रा
बिलासपुर। जिला न्यायालय ने चरित्रशंका पर पत्नी की गला दबाकर हत्या करने वाले पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। रतनपुर क्षेत्र के ग्राम कर्रा निवासी घासीराम उर्फ खोरबहरा यादव 75 साल अपनी पत्नी पुनीता यादव के चरित्र पर शंका करता था। इसी बात को लेकर उसने 25 – 26 सितंबर की रात को अपनी पत्नी पुनीता यादव की गला दबाकर हत्या कर दी। 26 सितंबर की सुबह दरवाजा नहीं खोलने पर उनका बेटा कृष्णा यादव ने गांव के कोटवार को घटना की जानकारी। कोटवार उसके घर आया तो घासीराम ने पुलिस को बुलाने की बात कहते दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया। कोटवार एवं अन्य लोगों ने खिड़की से झांकर अंदर देखे तो पुनीता बाई का शव सोफा में रखा था। पुलिस मौके पर आकर दरवाजा खोलवा कर घासीराम यादव से पूछताछ की तो उसने बताया उसने अपनी पत्नी को गांव के लोगों से बात करने से मना करने के बाद भी नहीं मानने पर गला दबाकर हत्या करना स्वीकार किया। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर चालान कोर्ट में पेश किया। पंचम अपर सत्र न्यायाधीश छाया सिंह ने आरोप सिद्ध होने पर आरोपी पति घासीराम यादव को उम्रकैद व 100 रुपए अर्थदण्ड पटाने की सजा सुनाई है।
