भीषण गर्मी का असर: सिम्स में उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और कंजक्टिवाइटिस के बढ़े मरीज

बिलासपुर। शहर में लगातार 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहे तापमान का असर अब लोगों की सेहत पर भी गंभीर रूप से दिखाई देने लगा है। भीषण गर्मी के चलते सिम्स और जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर मेडिसिन, शिशु रोग, नेत्र और त्वचा रोग विभाग में सबसे अधिक भीड़ देखी जा रही है।

सिम्स के मेडिसिन विभाग में रोजाना करीब 300 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 20 से 25 मरीज डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉस्टशन, कमजोरी, चक्कर और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं। डॉक्टरों के अनुसार तेज धूप में काम करने वाले मजदूर, बुजुर्ग और लंबे समय तक बाहर रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कई मरीजों को गंभीर हालत में सलाइन चढ़ानी पड़ रही है।

शिशु रोग विभाग में भी मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यहां प्रतिदिन लगभग 200 बच्चों की ओपीडी हो रही है, जिनमें 15 से 20 बच्चे उल्टी-दस्त, बुखार और पानी की कमी की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। चिकित्सकों ने बच्चों को बाहर का खाना और दूषित पानी से बचाने की सलाह दी है।

तेज धूप और धूल का असर आंखों पर भी देखने को मिल रहा है। नेत्र रोग विभाग में रोज 100 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। इनमें करीब 30 मरीज कंजक्टिवाइटिस से पीड़ित पाए जा रहे हैं।

वहीं त्वचा रोग विभाग में घमौरी, खुजली, फंगल इंफेक्शन और एलर्जी के मामलों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। विभाग में रोजाना 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं, जबकि 5 से 10 मरीज गंभीर त्वचा संक्रमण की शिकायत लेकर आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अत्यधिक पसीना और उमस इसके प्रमुख कारण हैं।

सिम्स के एमएस ने बताया कि अत्यधिक तापमान और लंबे समय तक धूप में रहने से डिहाइड्रेशन, हीट एग्जॉस्टशन और फ्लूड-इलेक्ट्रोलाइट इम्बैलेंस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शरीर से अत्यधिक पसीना निकलने पर सोडियम और पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है, जिससे मरीजों में लो ब्लड प्रेशर, मसल क्रैम्प, कमजोरी, टैकीकार्डिया और चक्कर आने जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं।

उन्होंने बताया कि कई मरीज पेट दर्द, मतली, उल्टी और दस्त जैसी गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं के साथ भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों में डिहाइड्रेशन तेजी से गंभीर स्थिति ले सकता है। ऐसे में पर्याप्त पानी, ओआरएस और इलेक्ट्रोलाइट्स का सेवन जरूरी है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!