
बिलासपुर/कोटा। कोटा क्षेत्र के खोंगसरा-टेंगनमाड़ा मार्ग स्थित सूखा नाला में एक भालू का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों का आरोप है कि भालू पिछले कई दिनों से भोजन और पानी की तलाश में गांवों तथा तेंदूपत्ता फड़ों के आसपास भटक रहा था, लेकिन सूचना मिलने के बावजूद वन विभाग ने समय रहते उसका रेस्क्यू नहीं किया।
ग्रामीणों के अनुसार मृत भालू काफी कमजोर और उम्रदराज था। पिछले कुछ दिनों से वह लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में दिखाई दे रहा था। शव मिलने के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भालू के शरीर पर कुछ चोट जैसे निशान तथा एक पंजे के नाखून के पास क्षति दिखाई दी। हालांकि, फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि ये निशान पुराने थे, किसी संघर्ष के दौरान बने, गिरने से आए या फिर मौत के बाद की स्थिति का हिस्सा हैं। मौत के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
सूचना मिलने पर कानन पेंडारी जू के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. पी.के. चंदन अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने भालू के शव का पोस्टमॉर्टम कराया, जिसके बाद वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय रहते भालू का रेस्क्यू किया जाता, तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, वन विभाग की ओर से अभी तक भालू की मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
