

बिलासपुर। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 इस बार अभ्यर्थियों के लिए पहले की तुलना में अधिक कठिन और कॉन्सेप्ट आधारित रही। परीक्षा के बाद परीक्षार्थियों और विशेषज्ञों की शुरुआती प्रतिक्रियाओं से संकेत मिले हैं कि इस बार केवल तथ्य याद करने या एलिमिनेशन मेथड के सहारे सफलता हासिल करना आसान नहीं होगा। प्रश्नपत्र में उम्मीदवारों की अवधारणात्मक समझ, विश्लेषण क्षमता और गहरी तैयारी को परखा गया।
परीक्षार्थियों के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में पेयर-बेस्ड और मल्टी-स्टेटमेंट प्रश्न पूछे गए, जिनमें सही उत्तर तक पहुंचने के लिए सभी विकल्पों की स्पष्ट जानकारी आवश्यक थी। कई अभ्यर्थियों ने बताया कि तुक्केबाजी और विकल्प हटाने की रणनीति इस बार लगभग बेअसर साबित हुई।
इतिहास खंड ने सबसे ज्यादा चौंकाया। प्राचीन और मध्यकालीन इतिहास से अपेक्षा से अधिक गहराई वाले सवाल पूछे गए। वहीं अर्थव्यवस्था से जुड़े प्रश्नों में बैंकिंग, डिजिटल करेंसी और मुद्रास्फीति जैसे समकालीन विषयों पर फोकस रहा। करंट अफेयर्स सेक्शन भी अभ्यर्थियों के लिए अप्रत्याशित रहा, जहां सामान्य तैयारी के दायरे से हटकर विश्लेषणात्मक प्रश्न पूछे गए।
सी-सैट पेपर भी इस बार चुनौतीपूर्ण माना गया। लंबे कांम्प्रिहेंशन और कठिन रीजनिंग प्रश्नों के कारण कई परीक्षार्थियों को समय प्रबंधन में परेशानी हुई। विशेषज्ञों के मुताबिक आर्ट्स बैकग्राउंड के छात्रों को मैथ्स और लॉजिकल रीजनिंग सेक्शन में अधिक कठिनाई महसूस हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा का स्तर कठिन होने के कारण इस बार कट-ऑफ में गिरावट देखने को मिल सकती है। शुरुआती आकलन के अनुसार सामान्य वर्ग की कट-ऑफ लगभग 90 अंक, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग की 85 अंक, एससी वर्ग की करीब 70 अंक तथा एसटी वर्ग की कट-ऑफ 60 से 65 अंक के बीच रह सकती है। विशेषज्ञों ने 90 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को बिना समय गंवाए मुख्य परीक्षा की तैयारी शुरू करने की सलाह दी है।
शहर में यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए कुल 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। मल्टीपरपज स्कूल को दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए विशेष केंद्र बनाया गया था। सभी केंद्रों में कुल 4,870 अभ्यर्थियों को परीक्षा देनी थी। प्रथम पाली में 3,340 अभ्यर्थी उपस्थित और 1,530 अनुपस्थित रहे, जबकि दूसरी पाली में 3,254 अभ्यर्थी उपस्थित और 1,616 अनुपस्थित रहे। कुल उपस्थिति 66.81 प्रतिशत दर्ज की गई।
परीक्षा के दौरान सभी केंद्रों पर फेस ऑथेंटिफिकेशन के माध्यम से अभ्यर्थियों की जांच की गई। परीक्षा व्यवस्था की निगरानी संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह तथा निरीक्षण अधिकारी लिंगेश्वर राव विपार्थी द्वारा की गई।
