

मुंगेली, 23 मई 2026। केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहल पर छत्तीसगढ़ के सभी जिलों को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में जिला मुंगेली पुलिस को लगभग 65 लाख रुपये की लागत से निर्मित आधुनिक सुविधाओं से लैस मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। यह वैन वैज्ञानिक अनुसंधान एवं अपराध विवेचना को अधिक प्रभावी और सटीक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन के तकनीकी उपयोग एवं कार्यप्रणाली की जानकारी देने हेतु कलेक्ट्रेट परिसर स्थित कलेक्टर जनदर्शन सभाकक्ष में विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला के समापन पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी एवं अन्य अधिकारियों ने हरी झंडी दिखाकर वैन को जिले में सेवा के लिए रवाना किया।
कार्यक्रम में ऑनलाइन माध्यम से जुड़े प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुंगेली जिले को मिली यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन कानून व्यवस्था और जांच प्रक्रिया को नई ऊंचाई प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित यह वैन अपराध अनुसंधान में तेजी लाने के साथ-साथ सटीक जांच सुनिश्चित करेगी।

वहीं बिलासपुर रेंज के आईजी ने ऑनलाइन संबोधन में विश्वास जताया कि मुंगेली पुलिस इस अत्याधुनिक वैन की तकनीकी क्षमताओं का प्रभावी उपयोग कर आपराधिक मामलों के त्वरित निराकरण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त करेगी।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि न्याय व्यवस्था में वैज्ञानिक अनुसंधान की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह फॉरेंसिक वैन निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सटीक जांच सुनिश्चित कर पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने में सहायक सिद्ध होगी।
तकनीकी सत्र में फॉरेंसिक विशेषज्ञ ज्योत्सना लकड़ा ने एलईडी स्क्रीन के माध्यम से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वैन के उपयोग, घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, साक्ष्य संरक्षण तथा आधुनिक उपकरणों के उपयोग संबंधी विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि मोबाइल फॉरेंसिक वैन में उपलब्ध अत्याधुनिक उपकरणों एवं किट्स के जरिए घटनास्थल पर ही प्रारंभिक फॉरेंसिक जांच की जा सकेगी।
कार्यक्रम में एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा, उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह, वैज्ञानिकी अधिकारी ज्योत्सना लकड़ा, बार काउंसिल अध्यक्ष राजमन सिंह, डीडीपी पुष्पा भगत, वरिष्ठ अधिवक्ता रविंदर सिंह छाबड़ा सहित जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी प्रभारियों तथा बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन भविष्य में अपराध अनुसंधान को नई गति देने के साथ अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने में “गेम चेंजर” साबित होगी।
