

बिलासपुर। कोटा थाना क्षेत्र की बेलगहना चौकी पुलिस ने युवक की हत्या कर उसे आत्महत्या दर्शाने की कोशिश करने वाले आरोपियों को चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया। मामले में मृतक के पिता, भाई और एक विधि से संघर्षरत बालक को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार ग्राम रतखंडी निवासी उमेन्द सिंह पटेल ने 20 मई को चौकी बेलगहना पहुंचकर सूचना दी थी कि उसके पुत्र गौरीशंकर पटेल (23) ने जहर सेवन कर आत्महत्या कर ली है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच और पंचनामा के दौरान पुलिस को घटना संदिग्ध लगी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में फॉरेंसिक टीम को बुलाकर घटनास्थल और शव का बारीकी से निरीक्षण कराया गया।
जांच में मृतक के शरीर पर चोट के निशान मिले तथा अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य भी सामने आए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें हत्या के संकेत मिलने पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पूछताछ में पता चला कि मृतक शराब का आदी था और घर में अक्सर विवाद करता था। घटना की रात भी वह अत्यधिक नशे में था और घरवालों से मारपीट कर रहा था। संदेह के आधार पर पुलिस ने परिजनों से कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया।
आरोपियों ने बताया कि विवाद के दौरान मृतक को मारपीट कर गिरा दिया गया था। इसके बाद उसके हाथ-पैर रस्सी से बांधकर मुंह दबाए रखा गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद घटना को आत्महत्या का रूप देने के लिए कीटनाशक की शीशी लाकर मृतक के मुंह में डाली गई और आसपास फैला दी गई, ताकि मामला आत्महत्या का लगे।
मामले में पुलिस ने आरोपी उमेन्द सिंह पटेल, शिवशंकर पटेल और एक विधि से संघर्षरत बालक के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।
पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक हेमंत सिंह, सहायक उप निरीक्षक मोतीलाल सूर्यवंशी तथा आरक्षक धर्मेंद्र कश्यप, धीरज जायसवाल, ईश्वर नेताम और अंकित जायसवाल की विशेष भूमिका रही।
