
शशि मिश्रा

जोनल रेलवे स्टेशन में यात्रियों को गर्मी से राहत देने के लिए मिस्टिंग मशीन लगाया गया है, जिसमें से फौव्वारा कम और नल की टोटी की तरह पानी ज्यादा फेंकने से पूरे प्लेटफार्म परिसर में कीचड़ से यात्री फिसलकर गिर रहे हैं।
रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर एक की स्थिति ऐसी हो गई है कि सुबह से रात तक उत्कल, राजधानी और रात में आने वाली शालीमार एक्सप्रेस के अलावा बाकी अन्य ट्रेनों के बजाय केवल मालगाड़ी का स्टापेज ही दिया जा रहा है। प्लेटफार्म नम्बर एक पर रेल प्रशासन की ओर से आरपीएफ पोस्ट से लेकर वीआईपी गेट यानि 100 मीटर की दूरी तक मिस्टिंग मशीन के लिए पाइप बिछाई है। यह प्रतिवर्ष गर्मी के समय ही चालू की जाती है ताकि यात्रियों को मिस्टिंग से निकलने वाले फौव्वारे से राहत मिल सके। इस मशीन को शुरु करने
से पहले विभाग की ओर से मरम्मत व मेंटेनेंस कार्य भी किया जाता है, लेकिन इसमें से फौव्वारे की जगह पानी अधिक बहता है। इसी तरह का हाल इस वर्ष भी होने लगा है।
पिछले कई दिनों से मिस्टिंग के पाइप में लगे वॉल कई जगह से खराब हो चुके हैं, जिसमें से फौव्वारे के स्थान पर पानी सीधे यात्रियों के ऊपर और प्लेटफार्म पर गिर रहे हैं। इसकी वजह से पूरे प्लेटफार्म पर पानी के कारण कीचड़ होने से यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।
