
बिलासपुर, 24 अप्रैल 2026।
जिले के सीपत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बिटकुला में ओवरटेक को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। बाइक सवार युवक ने खुद को भाजपा जिला संयोजक बताने वाले व्यक्ति और उसके साथियों पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई, जबकि दूसरे पक्ष की रिपोर्ट पर उसी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया।
पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित शिवाजी पाटनवार के अनुसार, बुधवार सुबह वह बाइक से बिलासपुर की ओर जा रहे थे, तभी पीछे से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। विरोध करने पर कार सवार, जो खुद को भाजपा जिला संयोजक तामेश्वर कौशिक बता रहा था, अपने बेटे राजेश कौशिक और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर उन्हें घेर लिया।
शिवाजी का आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और उनका मोबाइल छीनकर तोड़ दिया। साथ ही वाहन जलाने और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित ने यह भी बताया कि जब उन्होंने घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की, तब भी आरोपियों ने मोबाइल तोड़ दिया। घटना के बाद वे थाने पहुंचे, लेकिन वहां उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें समझाकर वापस भेज दिया गया।
पुलिस का पक्ष: ‘सिर्फ विवाद, कोर्ट जाने की सलाह’
मामले में सीपत थाना प्रभारी राजेश मिश्रा का कहना है कि घटना में दोनों पक्ष थाने आए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बाइक ने कार को पीछे से टक्कर मारी थी और मामला केवल विवाद का है।
उन्होंने बताया कि पीड़ित द्वारा मारपीट के आरोप लगाए गए, लेकिन जांच में इसकी पुष्टि नहीं हुई। ऐसे में उसे न्यायालय जाने की सलाह दी गई, जबकि दूसरे पक्ष की शिकायत पर बाइक सवार के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
कार्रवाई पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक ओर जहां पीड़ित युवक मारपीट और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगा रहा है, वहीं उसकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज नहीं होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिलहाल मामले में दोनों पक्षों के दावों के बीच सच्चाई सामने लाने के लिए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
