
बिलासपुर। कोटा थाना क्षेत्र के ग्राम भरारी में भवन निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। 33 केवी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से 23 वर्षीय मजदूर महावीर उजागर गंभीर रूप से झुलस गया। हालत इतनी गंभीर थी कि इलाज के दौरान उसकी जान बचाने के लिए डॉक्टरों को दोनों हाथ काटने पड़े। फिलहाल उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा 29 मार्च को उस समय हुआ जब महावीर उजागर दीवान फार्म हाउस में निर्माण कार्य कर रहा था। काम के दौरान वह हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। करंट का झटका इतना तेज था कि उसका शरीर बुरी तरह झुलस गया।
घटना के बाद परिजन उसे तत्काल बीटीआरसी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण फैलने से रोकने और जान बचाने के लिए उसके दोनों हाथ काट दिए। वह अभी भी अस्पताल में भर्ती है और जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहा है।
एफआईआर को लेकर विवाद
परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद जब वे शिकायत दर्ज कराने कोटा थाने पहुंचे तो पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की और केवल आवेदन लेकर लौटा दिया। महावीर के भाई मनमोहन उजागर ने फार्म हाउस संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
वहीं थाना प्रभारी नरेश चौहान ने बताया कि मामले में फार्म हाउस संचालक सौमित्र दीवान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है।
इलाज में 6 लाख खर्च, परिवार पर संकट
महावीर परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके पिता का पहले ही निधन हो चुका है। अब तक इलाज में 6 लाख रुपए से अधिक खर्च हो चुके हैं, जिससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया है। परिजनों का आरोप है कि फार्म हाउस संचालक ने इलाज में किसी भी प्रकार की मदद से इनकार कर दिया है।
घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा मानकों और निर्माण कार्यों के दौरान बरती जा रही लापरवाही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
