
शशि मिश्रा

क्या हमारा कानून इसकी इजाजत देता है कि अपराध कोई और करें लेकिन सजा किसी और को मिले ? मगर बिलासपुर में ऐसा ही हो रहा है ।आजकल बेलगाम हो चुकी युवतियों में स्टंट बाजी करते हुए रील बनाने का फैशन चल पड़ा है। इस तरह के वीडियो लगातार सामने आ रहे हैं। लड़कियां इसलिए भी सबक नहीं ले रही है क्योंकि कानून का डंडा उन पर नहीं चलता, बल्कि कार मालिक और कार चालक पर चलता है। इस तरह के मामलों में लड़की के खिलाफ ना तो कोई एफआईआर दर्ज होती है, ना कोई सजा मिलती है । यहां तक की पुलिस उसका नाम भी गोपनीय रखती है। यही कारण है की लड़कियों के हौसले बढ़ रहे हैं ।

पिछले दिनों रायपुर रोड पर इसी तरह का एक वीडियो सामने आया था और इस बार मौहार पारा नीरतू रतनपुर- रायपुर रोड में कार में स्टंट करती हुई एक लड़की का वीडियो सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो 24 मई की रात लगभग 12:00 बजे का है। कोनी क्षेत्र में एक अर्टिगा कार क्रमांक सीजी 10 सीडी 1416 की छत पर बैठकर एक युवती स्टंटबाजी करती नजर आई। किसी ने इसका वीडियो बना लिया । वैसे इसकी जरूरत नहीं थी क्योंकि युवती ने इससे पहले स्वयं ही कार के सामने शैम्पेन छलकाते हुए और रैम्पवॉक करते हुए वीडियो बनाया था। उसकी कुछ साथी उसे ऐसा करने के लिए उकसाती दिख रही थी।

वीडियो वायरल हुआ तो फिर मामला सुर्खियों में आया। जानकारी होने पर पुलिस ने धारा 281 bns एवं 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत आरोप दर्ज किया लेकिन मजे की बात है कि यह आरोप उस लड़की पर नहीं लगे जिसने सारा तमाशा किया बल्कि पुलिस ने सरकंडा निवासी वाहन चालक राहुल कौशिक को आरोपी बनाया है, जिसकी शायद ही इस पूरे मामले में कोई भूमिका हो क्योंकि यह संभव नहीं है कि ऐसी उद्दंड लड़कियां कार के ड्राइवर की बात माने। वह कह तो स्टंट करें और वह रोके तो रुक जाए। ऐसे में जाहिर तौर पर राहुल कौशिक को बलि का बकरा बनाया गया है। अगर पुलिस इसी तरह की कार्यवाही करती रही तो जाहिर है इस तरह की घटनाएं थमेगी नहीं, जिसे लेकर भी सोशल मीडिया पर लोगों का आक्रोश दिखाई पड़ रहा है।

