
शशि मिश्रा

हाल ही में छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तथा कांग्रेस नेता चरणदास महंत द्वारा जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी एवं सनातन धर्म पर की गई टिप्पणी को लेकर सनातनी योद्धा ठाकुर राम सिंह ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है।
पिछले दिनों डॉक्टर चरण दास महंत ने कहा था कि वह रामभद्राचार्य को जगतगुरु नहीं मानते क्योंकि वह भाजपा का प्रचार करते हैं उनकी ही सुर में सुर मिलाया था टी एस सिंह देव ने भी इतना ही नहीं कई कांग्रेसी नेता भी यही बात कह रहे हैं।
विवादित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद अक्सर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की पैरवी करते हैं लेकिन कांग्रेसी नेताओं ने कभी इस पर आपत्ति नहीं जताई। कांग्रेसी नेता कभी ऐसी हिम्मत ईसाई धर्मगुरु या मुस्लिम उलेमा के लिए नहीं कर पाए लेकिन सनातन उनका आसान टारगेट है इसे लेकर सनातनियों में गहरा आक्रोश है। रामभद्राचार्य के इस अपमान के बाद भी भाजपा नेताओं ने चुप्पी साध रखी है इसे लेकर भी ठाकुर राम सिंह ने दुख जताया है उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेता ऐसे मुद्दों पर संबंध निभाने देखे जाते हैं लेकिन यही लोग बाद में सनातन के नाम पर वोट मांगते हैं लेकिन सनातन सम्मान की रक्षा में कभी आगे नहीं आते।

ठाकुर राम सिंह ने कहा कि हिंदू विरोधी विचारों एवं सनातन धर्म के लगातार अपमान के कारण ही आज कांग्रेस जनता के बीच अपना विश्वास खो चुकी है और गर्त में जा रही है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा कभी मौलवी या पादरियों पर टिप्पणी नहीं की जाती, किंतु हिंदू साधु-संतों एवं सनातन परंपरा का लगातार अनादर किया जाता है, जिसे सनातन समाज किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा।
ठाकुर राम सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि चरणदास महंत अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो उनके विरोध में पुतला दहन कर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
