बिश्रामपुर में कांग्रेस कि बड़ी जीत, प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आमरण अनशन,,,पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का आमरण अनशन टूटा, दीपक बैज समेत कांग्रेस नेताओं ने नारियल पानी पीकर खत्म की क्रमिक भूख हड़ताल,,,,

संवाददाता/ सौरभ साहू
दिनांक 27/05/2026,
बिश्रामपुर, जिला सूरजपुर छत्तीसगढ़।।

सूरजपुर/विश्रामपुर, दिनांक 27 मई 2026 को जिले के विश्रामपुर थाना के शिवनंदनपुर में पिछले दो दिनों से जारी सियासी घमासान आखिरकार कांग्रेस के पक्ष में जाता दिखाई दिया। कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन पर दर्ज आम्र्स एक्ट मामले को लेकर शुरू हुए आंदोलन के बाद प्रशासन को कांग्रेस की तीनों प्रमुख मांगें माननी पड़ीं। इसके बाद आज धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का आमरण अनशन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज समेत कांग्रेस नेताओं की क्रमिक भूख हड़ताल भी समाप्त करा दी गई।मंगलवार देर रात आंदोलन स्थल पर प्रशासन और कांग्रेस नेताओं के बीच चली बातचीत के बाद माहौल बदला। इसके बाद आज पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को नारियल पानी पिलाकर आमरण अनशन और क्रमिक भूख हड़ताल समाप्त कराई गई। आंदोलन स्थल पर मौजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसे जनता और लोकतंत्र की जीत बताते हुए जमकर नारेबाजी की।

अधिकारियों के आश्वासन के बाद आंदोलन हुआ समाप्त

कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज मामले को लेकर कांग्रेस लगातार आक्रामक आंदोलन कर रही थी। धरना, नारेबाजी और भूख हड़ताल के बीच आखिरकार प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा।

जानकारी के मुताबिक नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर भाजपा कार्यकर्ता के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। वहीं पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस नेताओं को भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने तक नरेंद्र जैन की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।

इसी आश्वासन के बाद देर रात कांग्रेस नेताओं और प्रशासन के बीच सहमति बनी, जिसके बाद आंदोलन खत्म करने का फैसला लिया गया।

हटाया गया विवेचना अधिकारी, अब DSP करेंगे जांच

मामले ने जब तूल पकड़ा तो पुलिस विभाग को भी बड़ा कदम उठाना पड़ा। नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज एफआईआर की जांच कर रहे विवेचना अधिकारी को हटा दिया गया है। अब पूरे मामले की जांच डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंप दी गई है।

हालांकि कांग्रेस नेता विश्रामपुर थाना प्रभारी पर कार्रवाई और आम्र्स एक्ट के तहत दर्ज केस वापस लेने की मांग पर अड़े हुए थे। लेकिन लंबी बातचीत और प्रशासनिक आश्वासन के बाद आखिरकार गतिरोध खत्म हो गया।

भूपेश बघेल की मंच से चेतावनी, गरमाई राजनीति

इस आंदोलन को और ज्यादा सियासी धार उस वक्त मिली जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद विश्रामपुर पहुंचे। मंच से उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि —

“कांग्रेस की सरकार आने पर गलत तरीके से काम करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों का हिसाब लिया जाएगा।”

भूपेश बघेल के इस बयान के बाद आंदोलन स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। मंच पर दीपक बैज, टीएस सिंहदेव, अमरजीत भगत समेत कई पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक और कांग्रेस के बड़े नेता मौजूद रहे।

तपती गर्मी, नारेबाजी, राजनीतिक भाषण और भारी भीड़ के बीच विश्रामपुर का माहौल पूरी तरह सियासी रणभूमि में बदल गया था। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर विपक्ष को दबाने, प्रशासन का दुरुपयोग करने और चुनावी माहौल प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!