
बिलासपुर | सिटी रिपोर्टर
बिलासपुर। शहर में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामलों में ठगों ने लोगों को निशाना बनाते हुए कुल 1.22 लाख रुपए की चपत लगा दी। एक मामले में SECL के रिटायर्ड माइनिंग मैनेजर से 94 हजार रुपए ठग लिए गए, जबकि दूसरे मामले में ऑनलाइन रिटर्न के नाम पर 28 हजार रुपए पार कर दिए गए।
फर्जी ट्रांजेक्शन मैसेज भेजकर ठगे 94 हजार
सरकंडा क्षेत्र निवासी रिटायर्ड माइनिंग मैनेजर के.एल. कुर्रे को शनिवार को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को उनका परिचित “डॉ. मोहन” बताते हुए इलाज के लिए एक व्यक्ति की मदद करने की बात कही। ठग ने भरोसा जीतने के लिए फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन मैसेज भेजा और दावा किया कि उनके खाते में राशि जमा कर दी गई है।
झांसे में आकर कुर्रे ने बिना खाते का बैलेंस जांचे तीन किश्तों में कुल 94 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में जब ठग ने और पैसे की मांग की, तो उन्हें संदेह हुआ। जांच करने पर ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपना बैंक खाता ब्लॉक कराया और साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
फर्जी कस्टमर केयर नंबर से 28 हजार की ठगी
दूसरा मामला जूना बिलासपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां एमएस ताम्रकार ने एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से कपड़ा मंगाया था। साइज सही नहीं होने पर उन्होंने गूगल पर कस्टमर केयर नंबर खोजा। इस दौरान ठग द्वारा पहले से अपलोड किए गए फर्जी नंबर पर उनका संपर्क हो गया।
ठग ने व्हाट्सएप के जरिए एक फॉर्म भेजा, जिसमें जानकारी भरते ही उनके खाते से 28 हजार रुपए निकल गए। पीड़ित ने मामले की शिकायत साइबर पोर्टल और थाने में दर्ज कराई है।
सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, फर्जी ट्रांजेक्शन मैसेज या गूगल पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा न करें। किसी भी लेन-देन से पहले बैंक बैलेंस की पुष्टि करें और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर संपर्क करें।
