

बिलासपुर। शासकीय सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कोनी में प्रदेश का पहला स्पाइन सर्जरी कैंप आयोजित किया जा रहा है, जहां मुंबई से आए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम जटिल रीढ़ (स्पाइन) सर्जरी कर रही है। शुक्रवार को तीन जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए गए, जबकि शनिवार को तीन और मरीजों की सर्जरी की जाएगी। इस तरह दो दिनों में कुल 6 जटिल सर्जरी का लक्ष्य रखा गया है।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, अब तक इस तरह की जटिल स्पाइन सर्जरी के लिए मरीजों को मुंबई या दिल्ली जैसे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन इस कैंप के माध्यम से मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उच्चस्तरीय उपचार मिल रहा है।
विशेषज्ञ टीम ने संभाली कमान
मुंबई से आए स्पाइन सर्जन डॉ. शेखर भोजराज, डॉ. रघुप्रसाद वर्मा, डॉ. प्रेमिक नागाड, डॉ. प्रमित पावसकर और डॉ. विस्मय हरकरे की टीम ने ऑपरेशन किए। सर्जरी से पहले सभी मरीजों की सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य जरूरी जांच कर उनके अनुसार अलग-अलग उपचार योजना तैयार की गई।
डॉक्टरों के मुताबिक, प्रत्येक सर्जरी में करीब 3 से 4 घंटे का समय लग रहा है। ये ऑपरेशन तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल होते हैं और उच्च स्तर की विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है।
संयुक्त टीमवर्क से संभव हुआ सफल आयोजन
सर्जरी को सफल बनाने में एनेस्थेसिया, रेडियोडायग्नोसिस, ऑर्थोपेडिक और न्यूरो सर्जरी विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से काम किया। नर्सिंग स्टाफ ने भी ऑपरेशन से लेकर मरीजों की देखभाल तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस दौरान संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त रितेश अग्रवाल, सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति और अस्पताल अधीक्षक डॉ. बीपी सिंह सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने इसे प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।
हाईटेक सुविधाओं से मिल रहा सटीक इलाज
कोनी स्थित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में पहले से ही 128 स्लाइस सीटी स्कैन, 3 टेस्ला एमआरआई, डिजिटल एक्स-रे और एनएबीएल मान्यता प्राप्त लैब जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं, जिससे जटिल सर्जरी के लिए सटीक जांच संभव हो पाती है।
यूरिन जांच में भी हाईटेक बदलाव
अस्पताल में अब यूरिन एनालिसिस की प्रक्रिया को भी पूरी तरह आधुनिक बना दिया गया है। नई स्वचालित मशीन के जरिए बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के जांच की जा रही है, जिससे कुछ ही घंटों में सटीक रिपोर्ट मिल रही है। यह मशीन यूरिन में मौजूद शुगर, प्रोटीन, कीटोन, आरबीसी, डब्ल्यूबीसी, यूरोबिलिनोजन, नाइट्राइट और पीएच लेवल सहित 20 से अधिक पैरामीटर की जांच करने में सक्षम है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह तकनीक खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी, जहां पैथोलॉजिस्ट की कमी रहती है।
कुल मिलाकर, यह स्पाइन सर्जरी कैंप न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
