गंदा पानी मिलने पर अफसर होंगे जिम्मेदार, 7 दिन में जांच और मरम्मत के निर्देश, सरकंडा क्षेत्र में तीन दिन बाद मिला फॉल्ट

बिलासपुर। गर्मी बढ़ने के साथ प्रदेशभर में जल संकट और गंदे पानी की शिकायतों को देखते हुए नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों को अलर्ट जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पेयजल सप्लाई में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। सभी निकायों को सात दिन के भीतर हैंडपंप, बोरवेल और जलप्रदाय व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सोमवार को जारी आदेश में विभाग की सचिव ने कहा कि गर्मी के मौसम में पाइपलाइन लीकेज और सीवेज लाइन के संपर्क में आने से पानी दूषित होने का खतरा बढ़ जाता है। पूर्व में पानी के नमूनों में ई-कोलाई जैसे बैक्टीरिया मिलने की घटनाओं का हवाला देते हुए जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

निकायों को जल गुणवत्ता की नियमित जांच कर 15 दिन के भीतर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जल टंकियों की साल में कम से कम दो बार सफाई, पाइपलाइन लीकेज की तत्काल मरम्मत और जरूरत पड़ने पर री-क्लोरीनेशन कराने को कहा गया है। सार्वजनिक नलों और हैंडपंपों के आसपास सफाई बनाए रखने तथा जल स्रोतों के पास कचरा जमा नहीं होने देने के निर्देश भी दिए गए हैं।

विभाग ने कम पानी दबाव वाले क्षेत्रों में पाइपलाइन में मोटर लगाकर पानी खींचने की प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई है। ऐसे कनेक्शनों की जांच कर सुधार करने को कहा गया है। दूषित पानी वाले हैंडपंपों को लाल रंग से चिन्हित कर उनके हैंडल हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इधर सरकंडा के कपिल नगर और शास्त्री नगर में पिछले तीन दिनों से गंदे पानी की शिकायत के बाद निगम की सात सदस्यीय टीम ने जांच की। करीब पांच घंटे की जांच के बाद मेन रोड में तीन स्थानों पर पाइप कनेक्शन में लीकेज मिला। इन लीकेज के कारण करीब 150 घरों में बदबूदार और गंदा पानी सप्लाई हो रहा था। फिलहाल निगम ने अशोक नगर टंकी की ओर से आने वाली लाइन बंद कर कपिल नगर पंप से सीधे पानी सप्लाई शुरू कर दी है। निगम अधिकारियों का कहना है कि अगले दो-तीन दिन तक और जांच की जाएगी, क्योंकि अन्य स्थानों पर भी लीकेज मिलने की आशंका है।

पूर्व पार्षद राजेश शुक्ला ने दावा किया कि कुछ गलियों में अब भी गंदा पानी आ रहा है। वहीं कार्यपालन अभियंता एवं जल शाखा प्रभारी अनुपम तिवारी ने कहा कि शिकायत मिलते ही टीम को अलर्ट किया गया था और जहां लीकेज मिला, उसे बंद करा दिया गया है।

अमृत मिशन के तहत शहर में हो रही पानी सप्लाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शहर की 22 पानी टंकियों से रोजाना 25 से 30 एमएलडी पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन करीब 35 हजार घरों में मटमैले, बदबूदार और बदरंग पानी की शिकायतें सामने आ रही हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें सरकंडा क्षेत्र से मिली हैं। इसके अलावा मगरपारा, तालापारा, व्यापार विहार, तारबाहर और पटवारी प्रशिक्षण केंद्र के पीछे के इलाकों में भी लोग परेशान हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नलों से मटमैला पानी निकल रहा है, जिससे आरओ फिल्टर जल्दी खराब हो रहे हैं और मेंटेनेंस खर्च बढ़ गया है। कई लोगों ने पानी में बदबू और कीड़े आने की शिकायत भी की है। हालांकि निगम प्रशासन का दावा है कि रोजाना 50 से 60 पानी के सैंपल की जांच कराई जा रही है और अब तक किसी प्रकार का संक्रमण नहीं मिला है। अधिकारियों के अनुसार पानी सुरक्षित है, केवल स्वाद और रंग में बदलाव पाइपलाइन और सप्लाई प्रेशर की वजह से हो सकता है।

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