
शशि

मस्तूरी। बढ़ती गर्मी की तपिश के साथ ही मस्तूरी क्षेत्र में जल संकट गहराने लगा है। जिसे गंभीरता से लेते हुए विधायक एवं उपसचेतक दिलीप लहरिया ने विधानसभा के में शून्यकाल खूंटाघाट जलाशय से पानी छोड़े जाने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार गिरते जलस्तर के कारण पेयजल और सिंचाई दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं, जिससे आम जनता और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक लहरिया ने सदन में बताया कि मस्तूरी क्षेत्र के कई गांवों में जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि हैंडपंप और बोरवेल भी जवाब देने लगे हैं। ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वहीं, किसानों की फसलें पानी के
अभाव में सूखने की कगार पर हैं, जिससे उनकी आजीविका पर भी संकट मंडरा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि खूंटाघाट जलाशय क्षेत्र का एक मात्र प्रमुख जल स्रोत है, लेकिन समय पर पानी नहीं छोड़े जाने के कारण इसका लाभ स्थानीय लोगों को नहीं मिल पा रहा है। यदि जलाशय से नियंत्रित तरीके से पानी छोड़ा जाए, तो न केवल जलस्तर में सुधार होगा, बल्कि पेयजल और का भी काफी हद तक समाधान हो सिंचाई की समस्या सकेगा। विधायक श्री लहरिया ने सरकार से मांग की कि इस विषय को प्राथमिकता में लेते हुए तत्काल सम्बंधित विभाग को जलाशय से पानी छोड़ने आदेश जारी करे ताकि मस्तूरी क्षेत्र के लोगों को पानी से राहत मिल सके।
