शक्ति और भक्ति का अनूठा संगम: बिलासपुर के श्री पीताम्बरा पीठ में चैत्र नवरात्र एवं संगीतमय श्रीमद् देवी भागवत का आयोजन

प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी न्यायधानी के सुभाष चौक, सरकण्डा स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में उमड़ेगा श्रद्धा का सैलाब, जब साक्षी बनेगा यह प्रांगण माँ की असीम शक्ति और भक्तों की अटूट भक्ति का।

छत्तीसगढ़ प्रदेश के अद्वितीय और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र श्री पीताम्बरा पीठ त्रिदेव मंदिर में आगामी चैत्र वासंतीय नवरात्र के पावन अवसर पर नौ दिवसीय भव्य ‘श्रीमद् देवी भागवत कथा का संगीतमय’ एवं ‘नवरात्र उत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है।

गुरु कृपा से जनकल्याण का संकल्प
यह आयोजन मात्र एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व शांति और जन-कल्याण का एक पावन संकल्प है। भगवान भूतनाथ चन्द्रमौलेश्वर की असीम कृपा और ब्रह्मलीन परमपूज्य श्री 108 श्री स्वामी शारदानन्द सरस्वती जी महाराज के दिव्य आशीर्वाद से आयोजित इस महोत्सव का मार्गनिर्देशन पीतांबरा पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज कर रहे हैं। उनके अनुसार, यह महोत्सव मानव जीवन को भौतिकता से हटाकर आध्यात्मिकता की ओर ले जाने का एक स्वर्णिम अवसर है।

भव्य कार्यक्रम की रूपरेखा:

इस महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार, 19 मार्च 2026 को अत्यंत गरिमामय ढंग से होगा, जिसका समापन शुक्रवार, 27 मार्च 2026 को महानवमी के पावन पर्व पर होगा।

*अखण्ड ज्योति कलश का दिव्य प्रकाश: महोत्सव के प्रथम दिन अभिजीत मुहूर्त (दोपहर 11:36 से 12:36 के बीच) में 108 श्री मनोकामना घृत अखण्ड ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। आस्था की यह लौ भक्तों की मनोकामनाओं की पूरक बनेगी।

ध्वजारोहण, ज्वारोपणम एवं पाठारंभ: प्रथम दिन ही विधि-विधान से ध्वजारोहण के साथ श्री दुर्गासप्तशती और श्रीमद् देवी भागवत पाठ का शुभारंभ होगा।

संगीतमय कथा का रसपान: प्रतिदिन दोपहर 2:00 बजे से सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य श्री मुरारीलाल त्रिपाठी’राजपुरोहित’ (कटघोरा-कोरबा) अपनी मधुर वाणी से देवी भागवत की कथा का रसपान कराएंगे। उनकी ओजस्वी वाणी में भगवती के चरित्र का वर्णन श्रोताओं को भक्ति के परमानंद में सराबोर कर देगा।
देवी,देवताओं का अद्भुत श्रृंगार और अभिषेक
इस नौ दिवसीय अनुष्ठान में मंदिर परिसर का कोना-कोना दिव्यता से महक उठेगा। प्रतिदिन प्रातःकालीन श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया जाएगा।ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी का प्रतिदिन विभिन्न मनोहारी स्वरूपों में श्रृंगार, पूजन होगा।
महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का ‘श्रीसूक्त षोडश मंत्र’ के साथ दूध की धाराओं से अभिषेक किया जाएगा।मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, सिद्धिविनायक श्री गणेश और श्री हनुमान जी का विशेष पूजन-अर्चन किया जाएगा।

भक्ति के साथ ज्ञान की पवित्रधारा नौ दिनों तक निरंतर चलता रहेगा। प्रतिदिन संध्या काल में ‘संत-वाणी’ का रसपान श्रोताओं को प्राप्त होगा जो आधुनिक जीवन की गुत्थियों को सुलझाने में सहायक होंगे।

26 मार्च (महाअष्टमी): शक्ति की विशेष आराधना।
27 मार्च (महानवमी): कन्या पूजन के साथ भण्डारा, श्रीमद् देवी भागवत कथा समापन।

श्रद्धालुओं से विनम्र आह्वान
पीतांबरा पीठाधीश्वर आचार्य डॉक्टर दिनेश जी महाराज ने बिलासपुर सहित पूरे प्रदेश के श्रद्धालुओं से सपरिवार उपस्थित होने का अनुरोध किया है। मंदिर समिति तैयारियों में जुटी है ताकि आने वाले भक्तों को सुलभ दर्शन और बैठने की उत्तम व्यवस्था मिल सके।

देव-दुर्लभ मानव जीवन को सफल बनाने और आदि शक्ति की कृपा पाने का यह एक दुर्लभ अवसर है। आइए, इस चैत्र नवरात्र में हम सब मिलकर माँ पीताम्बरा के चरणों में अपनी आस्था अर्पित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!