
बिलासपुर। जिले में शुक्रवार से जनगणना के प्रथम चरण की शुरुआत हुई, जिसमें सुपरवाइजरों के साथ करीब 4 हजार गणना कर्मी फील्ड में उतरे। हालांकि पहले ही दिन सर्वे की रफ्तार अपेक्षा से धीमी रही और केवल 9618 मकानों तक ही पहुंचा जा सका। औसतन एक कर्मचारी मात्र तीन घरों का ही सर्वे कर पाया, जिससे प्रारंभिक गति पर सवाल खड़े हुए हैं।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बिल्हा तहसील के ग्राम हिर्री पहुंचकर जनगणना कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने एक परिवार के मुखिया रामकृष्णा राजपूत के घर जाकर डिजिटल पोर्टल पर जानकारी दर्ज करवाई। गणना कर्मी अंजूबाला जायसवाल द्वारा यह प्रक्रिया लगभग पांच मिनट में पूरी की गई। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना देश के विकास और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है, इसलिए नागरिकों को सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।
जनगणना के तहत कर्मचारियों द्वारा घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, पेयजल, बिजली, शौचालय और खाद्यान्न जैसी बुनियादी जानकारी एकत्र की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यदि यही गति बनी रही तो 30 दिनों में करीब 2.88 लाख मकानों का ही सर्वे संभव हो पाएगा। हालांकि प्रशासन ने आने वाले दिनों में रफ्तार तेज होने की उम्मीद जताई है।
इधर, जिले में शुक्रवार से “सुशासन तिहार” अभियान की भी शुरुआत हुई, जिसके तहत बिल्हा ब्लॉक के हरदीकला में जिला स्तरीय जनसंवाद शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 394 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 240 का मौके पर ही निराकरण करने का दावा किया गया। इनमें 380 आवेदन मांग से संबंधित तथा 14 शिकायतें शामिल थीं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक उपस्थित रहे। उन्होंने सुशासन तिहार को शासन और जनता के बीच संवाद का सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासन गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है। इस दौरान उन्होंने हरदीकला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में शेड निर्माण के लिए 15 लाख रुपये की घोषणा भी की।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है और शिविरों में आवेदन लेने के साथ-साथ मौके पर समाधान और हितग्राहियों को लाभ वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम क्षेत्र में भी 1 मई से 10 जून तक सभी 70 वार्डों में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। पहले दिन सकरी के मिनीमाता सांस्कृतिक भवन में वार्ड 1 और 2 के संयुक्त शिविर में 163 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 142 मांग और 21 शिकायतें शामिल थीं। इस अवसर पर विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और समस्याओं का त्वरित निराकरण ही इस अभियान का उद्देश्य है। भाजपा जिला उपाध्यक्ष संतोष कौशिक ने इसे जनभागीदारी और जवाबदेही का उत्सव बताया।
प्रशासन का कहना है कि जनगणना और सुशासन तिहार जैसे अभियानों के माध्यम से शासन की योजनाओं को प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
