बिलासपुर में एलपीजी संकट: 30 से अधिक छोटे होटल-ठेले बंद, लोगों को चाय-नाश्ते के लिए भटकना पड़ा; कालाबाजारी पर छापेमारी में 126 सिलेंडर जब्त


बिलासपुर। शहर में इन दिनों एलपीजी की कमी का असर साफ दिखाई देने लगा है। गैस सिलेंडर की आपूर्ति बाधित होने और कमर्शियल सिलेंडरों पर सख्ती के चलते शहर के कई इलाकों में छोटे होटल, फूड कार्ट और चाय-नाश्ते के ठेले बंद हो गए हैं। हालात यह रहे कि गुरुवार को शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर लोगों को चाय-नाश्ते के लिए भटकना पड़ा।
जानकारी के अनुसार गांधी चौक, सिम्स चौक, पुराने हाईकोर्ट रोड, पुराना बस स्टैंड चौक, मंगला, शनिचरी, गुरुनानक चौक, बुधवारी सहित कई इलाकों में करीब 30 से अधिक छोटे होटल और ठेले बंद रहे। कई संचालकों ने गैस नहीं मिलने के कारण दुकानें नहीं खोलीं, जबकि कुछ ने प्रशासनिक कार्रवाई के डर से कारोबार बंद रखा।
शहर की अधिकांश गैस एजेंसियों के बाहर भी उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गैस सिलेंडर आसानी से उपलब्ध नहीं हो रहे हैं, जिससे घरेलू और व्यावसायिक दोनों ही स्तर पर परेशानी बढ़ गई है।
मरीजों और परिजनों को हुई परेशानी
सिम्स चौक के आसपास होटल और फूड कार्ट बंद रहने से सबसे ज्यादा परेशानी अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजनों और बाहर से आए लोगों को उठानी पड़ी। कई लोगों को सुबह-सुबह चाय और नाश्ते के लिए काफी दूर तक जाना पड़ा।


बड़े होटल-रेस्टोरेंट पर कम असर
छोटे होटल और ठेले बंद होने के बावजूद शहर के बड़े होटल और रेस्टोरेंट पर फिलहाल इसका ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। हालांकि चर्चा है कि कुछ जगहों पर डीजल या लकड़ी की भट्टी का उपयोग कर खाना बनाया जा रहा है, जबकि कुछ संस्थानों को चोरी-छिपे कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाने की भी बातें सामने आ रही हैं।
लकड़ी और कोयले की मांग अचानक बढ़ी
एलपीजी की कमी का असर ईंधन के अन्य विकल्पों पर भी पड़ा है। शहर में लकड़ी और कोयले की मांग अचानक बढ़ गई है। गौड़पारा के एक लकड़ी टाल संचालक के अनुसार पिछले दो-तीन दिनों में लकड़ी की मांग तेजी से बढ़ी है। पहले लकड़ी के टुकड़े 6 रुपये प्रति किलो बिकते थे, जो अब बढ़कर 8 रुपये प्रति किलो हो गए हैं।
इसी तरह लकड़ी का कोयला भी 30 रुपये प्रति किलो से बढ़कर करीब 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। गैस सिगड़ी में इस्तेमाल होने वाली भूसी की मांग भी तेजी से बढ़ी है।
होटल संचालकों की बढ़ी मुश्किल
लगय क्षेत्र के होटल संचालक राम प्रसाद कवर्थ ने बताया कि वे पिछले दस वर्षों से होटल चला रहे हैं। पहले रसोई गैस से समोसा और नाश्ता तैयार करते थे, लेकिन पिछले दो दिनों से गैस नहीं मिलने के कारण अब लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि लकड़ी की 30 किलो की बोरी पहले 240 रुपये में मिलती थी, जो अब बढ़कर 315 रुपये हो गई है।
मोपका के चाय-नाश्ता संचालक हीरा दर्वे ने बताया कि गैस नहीं मिलने के कारण उन्हें दुकान बंद रखनी पड़ी, जिससे रोजाना की आमदनी पर असर पड़ा है।
कालाबाजारी पर कार्रवाई: कोनी और सिरगिट्टी से 126 सिलेंडर जब्त
गैस की कालाबाजारी की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खाद्य विभाग की टीम ने शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कोनी से लेकर सिरगिट्टी तक कुल 126 गैस सिलेंडर जब्त किए गए।
कोनी में आरक्षक के भाई के घर से 55 सिलेंडर बरामद
खाद्य विभाग की टीम ने कोनी क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 68 में गुड़ाखू फैक्ट्री के सामने स्थित एक मकान में छापेमारी की। यहां से 55 खाली घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए गए। जांच में पता चला कि यह मकान सुनील सोनवानी का है, जो एक आरक्षक का भाई बताया जा रहा है।
मकान को शुभम किचन केयर के संचालक श्रवण साहू को किराए पर दिया गया था। पूछताछ में श्रवण साहू ने स्वीकार किया कि वह लोगों से गैस सिलेंडर खरीदकर जरूरतमंदों को बेचता है। आसपास के लोगों का कहना है कि आरक्षक का एक अन्य भाई भी इस अवैध कारोबार से जुड़ा हुआ है।
सिरगिट्टी में बंद दुकान से 61 सिलेंडर मिले
देर शाम खाद्य विभाग की टीम ने सिरगिट्टी में सुशील किराना स्टोर के पास स्थित एक बंद दुकान में छापा मारा। दुकान में ताला लगा था, लेकिन मोबाइल टॉर्च से देखने पर अंदर बड़ी संख्या में सिलेंडर दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस को बुलाकर दुकान खुलवाई गई।
अंदर से कुल 61 सिलेंडर बरामद हुए, जिनमें
21 घरेलू सिलेंडर
7 व्यावसायिक सिलेंडर
33 छोटे सिलेंडर
शामिल थे। इनमें से 5 सिलेंडर भरे हुए पाए गए। दुकान के पीछे एक प्राथमिक स्कूल भी स्थित है, जिससे आग लगने का खतरा बना हुआ था। कार्रवाई के बाद सभी सिलेंडरों को जब्त कर दुकान सील कर दी गई।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि पिछले दो दिनों में विभिन्न संस्थानों से कुल 198 गैस सिलेंडर जब्त किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी की शिकायतों के आधार पर आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
एलपीजी की कमी और कालाबाजारी के चलते शहर में छोटे व्यवसायियों और आम लोगों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। प्रशासन की सख्ती के बावजूद गैस की उपलब्धता सामान्य होने में अभी कुछ समय लग सकता है।

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