शादी के दबाव से छुटकारा पाने प्रेमिका की हत्या, दो महीने बाद खेत में मिले मानव कंकाल से खुला सनसनीखेज राज

शशि मिश्रा


कांकेर।
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले से रिश्तों को शर्मसार करने वाला एक दिल दहला देने वाला हत्या का मामला सामने आया है। शादी के लिए दबाव बना रही गर्लफ्रेंड से छुटकारा पाने के लिए एक युवक ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसकी नृशंस हत्या कर दी और शव को झाड़ियों में छिपा दिया। आरोपियों को लगा कि उनका अपराध हमेशा के लिए दफन हो गया है, लेकिन करीब दो महीने बाद खेत में मिले मानव कंकाल ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।


यह सनसनीखेज वारदात पखांजूर थाना क्षेत्र के बड़े कापसी गांव की है।
मृतिका की पहचान, आरोपी गिरफ्तार
पुलिस जांच में मृतिका की पहचान बड़े कापसी गांव निवासी संगीता उसेंडी (22 वर्ष) के रूप में हुई है। हत्या के आरोप में पुलिस ने संगीता के बॉयफ्रेंड दिनेश दुग्गा (21 वर्ष), उसके दोस्त समनदीप पन्ना (20 वर्ष) तथा एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी साहडोंगरी गांव के निवासी हैं। मुख्य आरोपी दिनेश दुग्गा कॉलेज का फाइनल ईयर का छात्र बताया जा रहा है।
2–3 साल से चल रहा था प्रेम संबंध
पुलिस के अनुसार दिनेश और संगीता के बीच पिछले दो से तीन वर्षों से प्रेम संबंध था। शुरुआती दिनों में रिश्ता सामान्य रहा, लेकिन बाद में संगीता दिनेश पर शादी का दबाव बनाने लगी। दिनेश शादी नहीं करना चाहता था, इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद बढ़ने लगे। लगातार दबाव से परेशान होकर दिनेश ने संगीता को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।


दोस्त बने साजिश में साझेदार
दिनेश ने अपने दोस्त समनदीप पन्ना और एक नाबालिग को इस अपराध में शामिल किया। तीनों ने योजना बनाई कि संगीता को मिलने के बहाने सुनसान जगह पर बुलाया जाएगा। 16 नवंबर 2025 को दिनेश ने संगीता को घर से बाहर मिलने के लिए बुलाया। संगीता को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि जिस व्यक्ति के साथ वह भविष्य के सपने देख रही थी, वही उसकी हत्या की योजना बना चुका है।
खेत में ले जाकर की गई हत्या
योजना के अनुसार दिनेश संगीता को खेत की ओर ले गया, जहां पहले से उसके दोनों साथी मौजूद थे। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दिनेश ने संगीता का पैर पकड़ा, दूसरे आरोपी ने उसका मुंह दबाया, जबकि नाबालिग आरोपी ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद तीनों ने शव को कुछ दूरी पर झाड़ियों में छिपा दिया और पहचान मिटाने के लिए संगीता का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया।
दो महीने बाद मिला मानव कंकाल
करीब दो महीने बाद, 22 जनवरी 2026 को बड़े कापसी गांव में रनोबाई उसेंडी के खेत में ग्रामीणों ने मानव कंकाल देखा। सूचना मिलते ही पखांजूर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। कंकाल के पास मिले कपड़ों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मृतिका की पहचान संगीता उसेंडी के रूप में की गई।
कॉल डिटेल से खुला हत्या का राज
पहचान के बाद पुलिस ने संगीता के परिजनों से पूछताछ की और उसकी कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली। जांच में सामने आया कि संगीता की आखिरी बातचीत दिनेश दुग्गा से हुई थी। इसके बाद 25 जनवरी 2026 को पुलिस ने दिनेश को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
पहले गुमराह किया, फिर कबूला जुर्म
पूछताछ के दौरान दिनेश पुलिस को लगातार गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती बरतने पर वह टूट गया और हत्या की पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने समनदीप पन्ना और नाबालिग आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस कार्रवाई जारी
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ हत्या एवं साक्ष्य मिटाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या के बाद आरोपियों ने और कौन-कौन से सबूत छिपाए हैं।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि रिश्तों में संवाद की कमी, असहमति को स्वीकार न करना और स्वार्थ किस तरह एक मासूम जिंदगी को खत्म कर सकता है।

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