

बिलासपुर। प्रदेश के मैदानी इलाकों में इस सीजन में दूसरी बार शीतलहर ने दस्तक दी है, जिससे लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। रायपुर और दुर्ग में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5 से 6 डिग्री नीचे चला गया, जबकि बिलासपुर में भी पारा लुढ़ककर 3.2 डिग्री तक पहुंच गया। अचानक बढ़ी ठंड से जनजीवन प्रभावित हो गया है।
शनिवार की सुबह तेज ठंड का अहसास हुआ। धूप निकलने के बाद लोगों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन शाम ढलते ही फिर से ठिठुरन बढ़ गई। दोपहर में बिलासपुर का अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से करीब ढाई डिग्री अधिक रहा, लेकिन न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट के कारण पूरे दिन ठंड का असर बना रहा।
बिलासपुर की तुलना में प्रदेश के अन्य शहरों में ठंड का असर ज्यादा देखने को मिल रहा है। दिसंबर के बाद जनवरी में भी शीतलहर लोगों की परीक्षा ले रही है। इससे पहले दिसंबर में रायपुर, दुर्ग सहित कई शहरों में शीतलहर चली थी और बिलासपुर में भी पारा 4 डिग्री से नीचे पहुंचने के कारण शीतलहर जैसी स्थिति बनी थी। अब एक बार फिर रायपुर और दुर्ग शीतलहर की चपेट में आ गए हैं।
पिछले साल से 7 डिग्री तक कम तापमान
इस बार जनवरी का महीना पिछले साल की तुलना में ज्यादा ठंडा साबित हो रहा है। आंकड़ों के अनुसार, 1 से 17 जनवरी के बीच इस साल दर्ज तापमान पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम रहा है। पिछले साल जनवरी में अधिकांश दिनों में पारा अपेक्षाकृत अधिक दर्ज हुआ था, जबकि इस बार 17 जनवरी को न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया, जो पिछले साल की तुलना में करीब 7 डिग्री कम है।
उधर, अंबिकापुर में पहले से ही पारा 4 से 5 डिग्री के बीच बना हुआ है, जबकि जगदलपुर में भी न्यूनतम तापमान सामान्य से लगभग 3 डिग्री नीचे चला गया है। मौसम विभाग ने हालांकि अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई है, जिससे ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
