

अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रबंधन द्वारा बाघों की गणना के लिए ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं । 20 जनवरी को हांसिल फोटो में यहां दो बाघ घायल हालत में खून से लथपथ दिखाई दिए थे। दोनों ही कैमरे के फोटो सारस डोल से जल्दा रोड के बीच के थे। यह जानकारी होते ही टीम ने क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन आरंभ किया।
इसी दौरान उन्हें सारस डोल के परिवृत्त परिसर कुडेरा पानी के कक्ष क्रमांक 120 रिजर्व फॉरेस्ट में तेज दुर्गंध महसूस हुई। पास जाने पर वहां एक बाघ का सड़ा हुआ शव मिला। बाघ की उम्र करीब 2 साल बताई जा रही है। मृत बाघ का पोस्टमार्टम सोमवार को किया गया। बाघ की गर्दन में बड़े बाघ के चार दांत गड़े हुए थे, जिससे स्वांस नाली दबने की वजह से बाघ की मौत हो गई। बाघ के सभी पैरों के पंजे, नाखून , दांत मौजूद थे जिससे अनुमान लगाया जा रहा है कि इस मृत बाघ का किसी अन्य बड़े बाघ से संघर्ष हुआ है जिसमें वह घायल हो गया था।

फिलहाल वन अधिकारी अन्य घायल बाघों की तलाश कर रहे हैं, जिनके बारे में अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है । आशंका है कि उनमें से भी किसी की मौत हो गई हो। फिलहाल यहां रिकॉर्ड में 18 बाघ दर्ज है जिनकी संख्या घटने की आशंका है। आशंका तो यह भी जताई जा रही है कि जिस बाघ की मौत हुई है वह 8 से 10 दिन पुरानी है। करीब 1 साल पहले भी एटीआर में एक बाघिन की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। बाघिन की लाश लमनी से सिरहट्टा जाने वाले मार्ग पर मिली थी।
एक तरफ बाघों के संरक्षण के लिए एटीआर में कथित तौर पर प्रयास किये जा रहे हैं दूसरी ओर बाघों के वापसी संघर्ष में ही घायल होकर उनकी जान जा रही है। यह वन विभाग के लिए चिंता का विषय है।
