
बिलासपुर। पति की मृत्यु के बाद एक महिला को उसकी वैधानिक संपत्ति से वंचित करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ससुराल पक्ष ने मृतक को अविवाहित और निसंतान बताकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन के राजस्व रिकॉर्ड से नाम हटवा दिया। पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार जांजगीर-चांपा निवासी सोनम राठौर का विवाह 12 मई 2018 को ग्राम सपिया निवासी हरि सिंह राठौर से हुआ था। 17 अक्टूबर 2024 को निमोनिया से हरि सिंह की मृत्यु हो गई। पति के क्रियाकर्म के बाद सोनम मायके चली गई। इसी दौरान उसके जेठ रामसिंह और ननद रामेश्वरी राठौर ने कथित रूप से साजिश रचकर बिलासपुर के तेलीपारा स्थित कीमती भूमि (खसरा नंबर 455/4) के राजस्व रिकॉर्ड से हरि सिंह का नाम कटवा दिया।
जब सोनम ने ऑनलाइन राजस्व रिकॉर्ड की जांच की, तो उसे अपने पति का नाम अभिलेखों में दर्ज नहीं मिला। पूछताछ करने पर पता चला कि आरोपियों ने तहसीलदार न्यायालय में झूठा शपथ-पत्र और फर्जी वंशावली प्रस्तुत की थी, जिसमें हरि सिंह को अविवाहित और बिना वारिस बताया गया। इसी आधार पर 25 फरवरी 2025 को फौती नामांतरण कराकर विधवा पत्नी के अधिकार समाप्त कर दिए गए।
पीड़िता सोनम राठौर ने विवाह कार्ड, पहचान पत्र सहित अन्य दस्तावेज प्रस्तुत कर सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद पुलिस ने जेठ रामसिंह और ननद रामेश्वरी राठौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड में की गई कथित हेराफेरी के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
