लोन के नाम पर लाइफ नहीं, हेल्थ इंश्योरेंस बेचा, कुर्की का दबाव, पीड़ित की रिपोर्ट पर फाइनेंस कंपनी पर धोखाधड़ी का केस


बिलासपुर। लोन और इंश्योरेंस के नाम पर धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। चोलामंडलम एमएस जनरल इंश्योरेंस फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक व्यक्ति को लाइफ इंश्योरेंस का झांसा देकर हेल्थ इंश्योरेंस थमा दिया। अब उसकी मृत्यु के बाद परिजनों पर लोन चुकाने का दबाव बनाया जा रहा है और भुगतान नहीं करने पर मकान की नीलामी की चेतावनी दी जा रही है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार गौरेला निवासी शरीफ खान ने शिकायत दर्ज कराई है कि उनके दिवंगत भाई अय्यूब खान को करीब 30 लाख रुपये की आवश्यकता थी। इस दौरान चोलामंडलम फाइनेंस के सेल्स मैनेजर देवानंद पांडेय, क्रेडिट मैनेजर शेखर कुमार और एजेंट हबीब खान ने अय्यूब को लोन देने के साथ-साथ लाइफ इंश्योरेंस कराने का भरोसा दिलाया था। आरोपियों ने कहा था कि मृत्यु की स्थिति में बीमा के जरिए लोन स्वतः माफ हो जाएगा।
शिकायत के अनुसार अय्यूब खान के खाते में स्वीकृत 30 लाख रुपये की जगह केवल 28 लाख 67 हजार 732 रुपये ही ट्रांसफर किए गए। जब कटौती और बीमा से संबंधित दस्तावेज मांगे गए तो टालमटोल की गई। बाद में व्हाट्सएप संदेश के जरिए बताया गया कि 53,100 रुपये पीएफ और 52,416 रुपये लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम के रूप में काटे गए हैं।
कुछ समय बाद अय्यूब खान की मृत्यु हो गई। परिजनों ने जब बीमा क्लेम और लोन माफी की प्रक्रिया शुरू करने का प्रयास किया, तब खुलासा हुआ कि मृतक का लाइफ इंश्योरेंस नहीं बल्कि हेल्थ इंश्योरेंस कराया गया है। इसके बाद कंपनी के कर्मचारी मृतक की पत्नी शबनम खान और उनके बच्चों पर लोन चुकाने का दबाव बनाने लगे और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
मोबाइल मैसेज बने सबूत
शिकायत में बताया गया कि लोन के बाद कंपनी की ओर से कोई आधिकारिक दस्तावेज नहीं दिए गए, लेकिन अय्यूब खान के मोबाइल पर भेजे गए मैसेज में लोन राशि, कटौती और लाइफ इंश्योरेंस का स्पष्ट उल्लेख था। इन्हीं मैसेजों को आधार बनाकर पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों, मोबाइल मैसेज और बैंक रिकॉर्ड के आधार पर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच की जा रही है।

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