
बिलासपुर। सिरगिट्टी क्षेत्र स्थित अमरनाथ एग्रो प्रोडक्ट राइस मिल में धान की गंभीर हेराफेरी सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मिल को सील कर दिया है। जांच के दौरान मिल परिसर से 45.77 क्विंटल धान गायब पाया गया, जबकि 54,082.8 क्विंटल धान जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 16.76 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
कलेक्टर के निर्देश पर 16 और 17 जनवरी को एसडीएम मनीष साहू के नेतृत्व में तहसीलदार प्रकाश साहू, खाद्य निरीक्षक मंगेश कांत एवं ललिता शर्मा सहित संयुक्त टीम ने खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर उठाए गए धान का भौतिक सत्यापन किया। रिकॉर्ड के अनुसार अमरनाथ राइस मिल द्वारा कुल 1,46,650 बोरा धान (58,600 क्विंटल) उठाया गया था, लेकिन जांच के समय केवल 1,35,207 बोरा धान (54,082.8 क्विंटल) ही मौके पर मौजूद पाया गया।
प्रशासन ने इस अनियमितता को छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए मिल संचालक संजीत मित्तल के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। धान की संभावित हेराफेरी और नियमों की अनदेखी को देखते हुए राइस मिल को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। फूड कंट्रोलर अमृत कुजूर ने बताया कि समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान के परिवहन और भंडारण में अनियमितता करने वाली अन्य राइस मिलों की भी इसी प्रकार जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पांच दिन में पांच राइस मिल सील, 56.42 करोड़ का धान जब्त
जिले में पहली बार राइस मिलों के खिलाफ इतनी बड़ी और सख्त कार्रवाई देखने को मिली है। प्रशासन ने महज पांच दिनों में पांच राइस मिलों को सील करते हुए कुल 56.42 करोड़ रुपए मूल्य का धान जब्त किया है। मंगलवार से शुरू हुई छापेमारी में पहले दिन कोटा स्थित हरिकिशन फूड राइस मिल से 2,890 क्विंटल धान गायब पाया गया। बुधवार को बिल्हा के गायत्री फूड राइस मिल से 3,152 क्विंटल धान की कमी सामने आई। इन दोनों मिलों से कुल 46,257 क्विंटल धान जब्त किया गया, जिसकी कीमत लगभग 14.33 करोड़ रुपए आंकी गई है।
इसके बाद गुरुवार को अलग-अलग कार्रवाइयों में 25.30 करोड़ रुपए मूल्य का धान जब्त किया गया, जबकि सिरगिट्टी स्थित अमरनाथ राइस मिल से 54,082 क्विंटल धान जब्त कर 16.76 करोड़ रुपए का आकलन किया गया। प्रशासन का कहना है कि धान उपार्जन में किसी भी तरह की हेराफेरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आगे भी जांच अभियान जारी रहेगा।
