

बिलासपुर। शहर में नेहरू चौक से दर्रीघाट तक चल रहे सड़क निर्माण कार्य में जूना बिलासपुर क्षेत्र में फिलहाल डामरीकरण का काम रोक दिया गया है। विभाग के अनुसार इस हिस्से में पानी लीकेज की समस्या सामने आई है, जिसके कारण सड़क की ऊपरी परत बिछाने से पहले तकनीकी सावधानी बरती जा रही है।
प्रभावित स्थानों पर फिलहाल गिट्टी डालकर छोड़ा गया है, ताकि नीचे की नमी और मिट्टी पूरी तरह बैठ सके। अधिकारियों का कहना है कि सड़क पर डामर की तीन लेयर बिछाई जानी हैं। यदि नमी रहते हुए डामरीकरण किया गया तो भविष्य में सड़क उखड़ने की आशंका रहेगी, इसलिए पहले आधार को मजबूत किया जा रहा है।

पहली लेयर से धूल और गड्ढों से राहत
लालखदान से गांधी चौक तक सड़क पर डामर की पहली लेयर बिछाई जा चुकी है। इस शुरुआती परत का उद्देश्य गड्ढों को भरना और राहगीरों को धूल से राहत देना है। जूना बिलासपुर और इनर क्षेत्रों में पहली लेयर के बाद लोगों को काफी राहत मिली है।
करीब 32 करोड़ रुपये की लागत से 11 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण किया जा रहा है। चौक-चौराहों के आसपास फिलहाल काम रोका गया है। व्यस्त यातायात को ध्यान में रखते हुए इन स्थानों पर अंतिम चरण में डामरीकरण किया जाएगा।

इधर कंपनी गार्डन के पास डिवाइडर निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। पहले से बने छोटे डिवाइडर की ऊंचाई बढ़ाई जा रही है, जिससे यातायात व्यवस्था और सुरक्षित हो सके।
लालखदान–मस्तूरी फोरलेन में लगेगा समय
लालखदान से मस्तूरी तक टू-लेन सड़क को फोरलेन में बदलने का कार्य भी प्रगति पर है। परियोजना को पूरा करने के लिए ठेकेदार को 18 माह का समय दिया गया है। इस मार्ग पर दोनों ओर सात-सात मीटर चौड़ी सड़क बनाई जाएगी और बीच में डिवाइडर तैयार होगा।
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले ही पूरी की जा चुकी है। अब तक गांधी चौक से लालखदान तक ही फोरलेन सड़क उपलब्ध थी, जबकि आगे मस्तूरी तक टू-लेन मार्ग से ही आवागमन होता था। फोरलेन निर्माण के बाद गांधी चौक से मस्तूरी तक सीधी और बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद शहर और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में सुधार और आवागमन में सुगमता आने की उम्मीद है।
