

बिलासपुर सरकंडा स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि महापर्व की नवमी तिथि पर माँ श्री ब्रह्मशक्ति बगलामुखी देवी का माँ कमला महाविद्या के स्वरूप में विशेष पूजन, श्रृंगार एवं आराधना अत्यंत श्रद्धा एवं वैदिक विधि-विधान से संपन्न हुई।

नवमी के पावन अवसर पर प्रातः 10:00 बजे से शक्ति स्वरूपा कन्याओं का माँ कमला देवी के स्वरूप में विधिवत पूजन किया गया। पूजन उपरांत कन्याओं को श्रद्धापूर्वक भोजन एवं दक्षिणा अर्पित की गई। कन्या पूजन एवं कन्या भोज के इस पुण्य आयोजन के साथ आषाढ़ गुप्त नवरात्रि महापर्व का विधिवत एवं निष्ठापूर्वक समापन हुआ।
माँ कमला महाविद्या का महत्व
पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने बताया कि माँ कमला दशमहाविद्याओं में दशम महाविद्या हैं तथा वे महालक्ष्मी का दिव्य स्वरूप मानी जाती हैं। उनकी उपासना से साधक के जीवन में सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य एवं धन-धान्य की वृद्धि होती है। साथ ही पद-प्रतिष्ठा, पारिवारिक मंगल, आर्थिक उन्नति तथा आध्यात्मिक समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। माँ कमला की कृपा से दरिद्रता, आर्थिक संकट एवं अभाव दूर होकर जीवन में संतोष, वैभव और मंगलमयता का संचार होता है।

महापर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातःकाल विशेष पूजन, अभिषेक एवं श्रृंगार तथा रात्रि 8:00 बजे से 12:30 बजे तक हवनात्मक महायज्ञ एवं महाआरती का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर माँ की कृपा प्राप्त की।
