

बिलासपुर। शुक्रवार की मूसलाधार बारिश ने शहर के कई परिवारों का आशियाना उजाड़ दिया। जिन घरों में कुछ दिन पहले तक चूल्हे जलते थे, वहां अब मलबा, कीचड़ और बिखरा सामान नजर आ रहा है। नगर निगम ने करीब 80 क्षतिग्रस्त मकानों का आकलन किया है, जबकि राजस्व विभाग ने 55 प्रभावित परिवारों का सर्वे पूरा कर लिया है। हालांकि सरकारी नियमों के तहत पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान वाले प्रत्येक परिवार को केवल 6 हजार रुपये की सहायता राशि ही मिलेगी, जिसे प्रभावित परिवार नाकाफी बता रहे हैं।
बारिश में बिजौर निवासी चंद्रप्रकाश लास्कर, दुर्गा प्रसाद लास्कर, शंकर लिबर्टी और अंगद सूर्या के मकान पूरी तरह ढह गए। घर के साथ घरेलू सामान, राशन, कपड़े, फर्नीचर और अन्य जरूरी वस्तुएं भी नष्ट हो गईं। प्रभावित परिवारों का कहना है कि छह हजार रुपये से न तो मकान की मरम्मत संभव है और न ही जरूरी सामान दोबारा खरीदा जा सकता है।

राहत शिविरों में रह रहे परिवार
घर टूटने के बाद कई परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। बिजौर स्कूल में बनाए गए राहत शिविर में अब भी करीब 20 लोग रह रहे हैं। वहीं खमतराई के बगदाई मंदिर के पास स्थित सामुदायिक भवन में भी कई परिवारों ने शरण ली है। प्रशासन ने सर्वे की प्रक्रिया पूरी कर ली है, लेकिन राहत राशि मिलने में अभी समय लग सकता है।
भोजन के लिए भी करना पड़ा इंतजार
राहत शिविरों में भोजन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। बिजौर स्कूल में रह रहे लोगों को रविवार दोपहर करीब तीन बजे भोजन मिला, जबकि खमतराई के सामुदायिक भवन में ठहरे परिवारों तक रविवार रात करीब 11 बजे खाना पहुंचा। लंबे इंतजार के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पड़ोसी और सामाजिक संगठन बने सहारा

सरकारी सहायता में देरी के बीच स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रभावित परिवारों की मदद का जिम्मा संभाला है। आसपास के लोग राहत शिविरों में भोजन, कपड़े, पीने का पानी, दूध, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचा रहे हैं। कई परिवार केवल तन पर पहने कपड़ों के साथ ही घर से बाहर निकल पाए थे, ऐसे में समाज से मिल रही मदद उनके लिए सबसे बड़ा सहारा बनी हुई है।
55 परिवारों का सर्वे, 6 हजार रुपये की सहायता
राजस्व विभाग ने शहरी क्षेत्र के 55 प्रभावित परिवारों का सर्वे पूरा कर लिया है। प्रशासन के अनुसार नियमानुसार पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान वाले प्रत्येक परिवार को छह-छह हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
एसडीएम मनीष साहू ने बताया कि प्रभावित परिवारों का सर्वे पूरा कर लिया गया है। पटवारियों को प्रतिवेदन तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद नियमानुसार सहायता राशि वितरित की जाएगी।
