

सरकंडा स्थित श्री पीतांबरा पीठ त्रिदेव मंदिर में आषाढ़ गुप्त नवरात्रि महापर्व के नवमी के पावन पर्व पर मां श्री ब्रह्म शक्ति बगलामुखी देवी का पूजन श्रृंगार मातंगी एवं कमला देवी के रूप में किया जाएगा। नवमी के पावन अवसर पर शक्ति स्वरूपा कन्याओं का विधि-विधान से कमला देवी के रूप में पूजन एवं कन्या भोज कराया जाएगा।
माँ मातंगी महाविद्या का महत्व पीठाधीश्वर आचार्य डॉ. दिनेश जी महाराज ने बताया कि माँ मातंगी दशमहाविद्याओं में नवम महाविद्या हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माँ मातंगी का प्राकट्य भगवान शिव एवं माता पार्वती की दिव्य शक्ति से हुआ। वे वाणी, ज्ञान, संगीत, कला, साहित्य एवं वाक्-सिद्धि की अधिष्ठात्री देवी हैं। उनकी साधना से साधक को ज्ञान, विवेक, प्रभावशाली वाणी, कलात्मक प्रतिभा, आत्मविश्वास तथा आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है।
माँ कमला महाविद्या का महत्व
माँ कमला दशमहाविद्याओं में दशम महाविद्या हैं तथा वे महालक्ष्मी का दिव्य स्वरूप मानी जाती हैं। उनकी उपासना से सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य, धन-धान्य, पद-प्रतिष्ठा एवं पारिवारिक मंगल की प्राप्ति होती है। उनकी कृपा से आर्थिक संकट एवं दरिद्रता दूर होकर जीवन में वैभव, संतोष और आध्यात्मिक समृद्धि का संचार होता है।
महापर्व के दौरान प्रतिदिन प्रातः विशेष पूजन एवं अभिषेक तथा रात्रि 8:00 बजे से 12:30 बजे तक हवनात्मक महायज्ञ एवं महाआरती का आयोजन किया जा रहा है।
