

बिलासपुर। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रतनपुर पुलिस ने सोमवार को ‘यातायात पाठशाला’ का आयोजन किया। कार्यक्रम में ऑटो एवं बस चालकों सहित आम नागरिकों को सुरक्षित वाहन संचालन, सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय ने उपस्थित लोगों को बताया कि सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण यातायात नियमों की अनदेखी है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट तथा चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि बिना हेलमेट वाहन चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह जान के लिए भी गंभीर खतरा है।

उन्होंने लोगों को शराब या किसी भी नशीले पदार्थ के सेवन के बाद वाहन नहीं चलाने की सलाह दी। बताया कि नशे की हालत में वाहन चलाने से सड़क दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। साथ ही वाहन चालकों को ओवर स्पीड, रॉन्ग साइड ड्राइविंग और मोबाइल फोन पर बात करते हुए वाहन चलाने जैसी लापरवाहियों से बचने की समझाइश दी गई।
यातायात पाठशाला में सिग्नल, जेब्रा क्रॉसिंग और अन्य यातायात संकेतों का पालन करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। स्कूली बच्चों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार करने के नियमों की जानकारी दी गई तथा उन्हें यातायात के प्रति जागरूक नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
थाना प्रभारी ने विशेष रूप से अभिभावकों से अपील की कि वे 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी स्थिति में वाहन चलाने के लिए न दें। उन्होंने बताया कि नाबालिग द्वारा वाहन चलाते पाए जाने पर वाहन चालक के साथ-साथ उसके माता-पिता या वाहन स्वामी के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
उन्होंने कहा कि रतनपुर क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए इस तरह की ‘यातायात पाठशाला’ का आयोजन आगे भी नियमित रूप से स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर किया जाएगा। कार्यक्रम के अंत में आम नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने की अपील करते हुए उन्होंने कहा, “सड़क पर थोड़ी सी सावधानी आपके और आपके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है। नियम तोड़ने से पहले एक बार अपने परिवार के बारे में जरूर सोचें।”
