
यूनुस मेमन

बिलासपुर। खूंटाघाट बांध के चौकीदार की हत्या के मामले का रतनपुर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि कुछ दिन पहले मछली चोरी करते पकड़े जाने और उसका वीडियो बनाए जाने से नाराज आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार 12 जुलाई को प्रार्थी श्याम सिंह पोर्ते, निवासी मेलनाडीह, ने थाना रतनपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह और तिरिथ राम यादव खूंटाघाट बांध में चौकीदार का कार्य करते हैं। कुछ दिन पहले बांध की रखवाली के दौरान उन्होंने नवागांव निवासी कान्हा उर्फ गोलू धीवर और अनिश धीवर उर्फ छोटू को मछली चोरी करते हुए पकड़ लिया था। इस दौरान तिरिथ राम यादव ने चोरी का वीडियो अपने मोबाइल में बना लिया था।

आरोप है कि पकड़े जाने से नाराज गोलू और अनिश ने तिरिथ राम का मोबाइल तोड़ दिया था। इसकी शिकायत रतनपुर थाने में की गई थी। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ, जिसमें आरोपियों ने मोबाइल बनवाने की बात कही थी। लेकिन मोबाइल नहीं बनवाने पर तिरिथ राम यादव, श्याम सिंह पोर्ते और विक्की ठाकुर आरोपी गोलू के घर गए थे। इसी बात को लेकर आरोपी तिरिथ राम और श्याम सिंह से रंजिश रखने लगे।
पुलिस जांच के अनुसार आरोपियों ने दोनों चौकीदारों की हत्या की योजना बनाई। 11 जुलाई की रात जब तिरिथ राम यादव और श्याम सिंह पोर्ते मोटरसाइकिल से खूंटाघाट बांध की ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी नवागांव के पास आरोपियों ने अपनी स्कॉर्पियो वाहन उनकी मोटरसाइकिल के सामने खड़ी कर रास्ता रोक लिया। मोटरसाइकिल गिरने के बाद आरोपियों ने दोनों पर डंडों से हमला कर दिया।
हमले के दौरान श्याम सिंह पोर्ते किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकले, जबकि तिरिथ राम यादव को आरोपियों ने बेरहमी से पीटकर मौत के घाट उतार दिया।
मामले की सूचना मिलते ही थाना रतनपुर में हत्या का मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी और 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में कान्हा धीवर उर्फ गोलू (34), अनिश धीवर उर्फ छोटू (22) तथा शुभम प्रधान उर्फ शोभू (21), सभी निवासी नवागांव (गिरजाबंद), थाना रतनपुर, शामिल हैं। पूछताछ के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक निलेश पाण्डेय, उपनिरीक्षक विष्णु यादव, आरक्षक आकाश डोंगरे, पवन सिंह तथा धीरज कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।:::
