

बिलासपुर। जिले में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 1 जून से 2 जुलाई तक बिलासपुर में सामान्य से 77.5 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले दस वर्षों में इस अवधि की सबसे कम वर्षा मानी जा रही है। कम बारिश के कारण धान की बुआई और खेतों की तैयारियां प्रभावित हो रही हैं, जिससे फसल चक्र पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
भू-अभिलेख शाखा के आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक केवल 38.4 मिमी औसत वर्षा हुई है, जबकि पिछले दस वर्षों के औसत के आधार पर इस अवधि तक 170.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार अल नीनो के प्रभाव से मानसून कमजोर पड़ा है, जिसका असर वर्षा पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

किसानों का कहना है कि पर्याप्त बारिश नहीं होने से खेतों की जुताई और धान की रोपाई में देरी हो रही है। यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई तो उत्पादन प्रभावित होने के साथ सूखे जैसी स्थिति बनने की आशंका भी बढ़ सकती है।
बेलतरा में सबसे कम बारिश, कोटा सबसे आगे
जिले की 12 तहसीलों में सबसे कम वर्षा बेलतरा में दर्ज की गई है। यहां अब तक केवल 14.9 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य वर्षा का मात्र 9.1 प्रतिशत है। वहीं कोटा तहसील में सबसे अधिक 45.8 प्रतिशत सामान्य वर्षा दर्ज की गई। बिलासपुर तहसील में 20.3 प्रतिशत, बिल्हा में 15 प्रतिशत, मस्तूरी में 13.6 प्रतिशत और तखतपुर में 31.5 प्रतिशत सामान्य वर्षा हुई है।

प्रदेश के अधिकांश जिलों में भी सामान्य से कम वर्षा
प्रदेश के 33 जिलों में से केवल दंतेवाड़ा ऐसा जिला है, जहां सामान्य से 5 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। शेष 32 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। बिलासपुर 77 प्रतिशत कम वर्षा के साथ कम बारिश वाले जिलों में शामिल है। बलरामपुर में 22 प्रतिशत, बीजापुर में 29 प्रतिशत, बस्तर में 34 प्रतिशत, सुकमा में 37 प्रतिशत, नारायणपुर में 21 प्रतिशत तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 33 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। बिलासपुर के पड़ोसी मुंगेली जिले में 49 प्रतिशत और गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 66 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
भारी बारिश का अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने 3 जुलाई को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई है। बिलासपुर और रायपुर संभाग के जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं विंड शियर जोन के प्रभाव से बस्तर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है।
