

बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस ने सशक्त ऐप की मदद से बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त कार्रवाई में ACCU और सिविल लाइन थाना पुलिस ने तीन चोरी की दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दो वाहन चोर और दो चोरी की बाइक खरीदने वाले शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, मामला थाना सिविल लाइन में वर्ष 2023 में दर्ज एक्टिवा चोरी के प्रकरण से जुड़ा है। सिंधी कॉलोनी, मसानगंज निवासी दीपक दास मानिकपुरी ने 25 अगस्त 2023 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बिलासा छात्रावास के सामने शीतला माता मंदिर के पास खड़ी उनकी एक्टिवा स्कूटी (CG 10 JD 3517) अज्ञात चोर चोरी कर ले गए थे। इस मामले में पुलिस लगातार विवेचना कर रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग कम कीमत पर संदिग्ध दोपहिया वाहनों की खरीद-बिक्री कर रहे हैं। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में ACCU और थाना सिविल लाइन की संयुक्त टीम ने संदिग्धों की जांच की। इस दौरान सशक्त ऐप के माध्यम से वाहनों का सत्यापन किया गया, जिसमें तीनों वाहन बिल्हा, सिरगिट्टी और सिविल लाइन थाना क्षेत्रों से चोरी के पाए गए।
पूछताछ में आरोपी दुर्गेश निषाद और ईश्वर निषाद ने चोरी की वारदातों को स्वीकार करते हुए बताया कि उन्होंने 21 जून 2026 को बिल्हा थाना क्षेत्र के दगौरी से हीरो डिलक्स मोटरसाइकिल चोरी की थी, जिसे बाद में लक्ष्मण विश्वकर्मा उर्फ गोविंदा को बेच दिया। इसके अलावा वर्ष 2023 में सिविल लाइन क्षेत्र से चोरी की गई एक्टिवा स्कूटी आशुतोष कुमार मिरी को बेच दी थी। आरोपियों ने तोरवा थाना क्षेत्र के चुचुहियापारा ओवरब्रिज के नीचे से एक अन्य मोटरसाइकिल चोरी करना भी स्वीकार किया, जिसका उपयोग ईश्वर निषाद स्वयं कर रहा था।
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीनों चोरी की दोपहिया वाहन बरामद कर लिए। गिरफ्तार आरोपियों में दुर्गेश निषाद (23) और ईश्वर निषाद (19), दोनों निवासी लाल खदान केवटपारा, थाना तोरवा, वाहन चोरी के आरोपी हैं। वहीं आशुतोष कुमार मिरी (29) निवासी चुचुहियापारा, सिरगिट्टी तथा लक्ष्मण विश्वकर्मा उर्फ गोविंदा (29) निवासी लाल खदान, तोरवा को चोरी के वाहन खरीदने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
चारों आरोपियों को 30 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि चोरी की वारदातों पर अंकुश लगाने के लिए सशक्त ऐप और तकनीकी संसाधनों का प्रभावी उपयोग लगातार किया जा रहा है।
