
बिलासपुर। कोटा क्षेत्र के गढ़्ढापारा में बुधवार को बिजली लाइन के मेंटेनेंस कार्य के दौरान करंट लगने से 25 वर्षीय ठेका कर्मचारी की मौत हो गई। मृतक के परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा है कि कर्मचारी को बिना आवश्यक सुरक्षा उपकरणों के ही बिजली के खंभे पर चढ़ाया गया था। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, कोटा के अमाली निवासी नीलकमल भारद्वाज बिजली विभाग में ठेका कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। बुधवार सुबह गढ़्ढापारा में बिजली लाइन के मेंटेनेंस का कार्य चल रहा था। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर नीलकमल को बिना ग्लव्स, सेफ्टी बेल्ट और हेलमेट के ही बिजली के खंभे पर चढ़ा दिया गया।
काम के दौरान जैसे ही उसने बिजली के तार को छुआ, वह करंट की चपेट में आ गया और झुलसकर खंभे से नीचे गिर पड़ा। साथी कर्मचारियों ने उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोटा पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी मौत करंट लगने से हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि घटना के समय विभाग के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद थे और उनकी मौजूदगी में ही कर्मचारी को बिना सुरक्षा उपकरणों के कार्य कराया जा रहा था।
घटना की सूचना मिलने पर कोटा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मर्ग कायम किया। पुलिस बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर आशीष कुमार सहित मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान दर्ज कर रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच में यदि सुरक्षा मानकों की अनदेखी और विभागीय लापरवाही की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।
