

बिलासपुर। शहर में बढ़ती ट्रैफिक अव्यवस्था और लगातार हो रही चालानी कार्रवाई को लेकर पूर्व विधायक शैलेश पांडेय ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि केवल चालान काटने से यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं होगा। इसके बजाय प्रशासन को नागरिकों के लिए पर्याप्त पार्किंग और बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर ध्यान देना चाहिए।
शैलेश पांडेय ने कहा कि शहर में पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण लोग मजबूरी में अपने वाहन सड़क किनारे खड़े करते हैं। ऐसे में केवल जुर्माना लगाकर आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है। उनका कहना है कि जब तक पार्किंग जैसी आवश्यक सुविधाएं विकसित नहीं की जातीं, तब तक दंडात्मक कार्रवाई से समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल सकता।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी की अवधारणा तभी सफल होगी, जब शहर में सुगम यातायात, पर्याप्त पार्किंग और सुनियोजित ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। प्रशासन को नियमों का पालन कराने के साथ-साथ नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध करानी चाहिए।
पूर्व विधायक ने स्पष्ट किया कि वे यातायात नियमों के उल्लंघन के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने से पहले प्रशासन को आधारभूत व्यवस्थाएं दुरुस्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिलासपुर की जनता पहले से ही जाम और ट्रैफिक अव्यवस्था से परेशान है। ऐसे में केवल चालान की कार्रवाई के बजाय पार्किंग विस्तार, सड़क प्रबंधन और स्थायी यातायात समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
