

बिलासपुर। छात्रों और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को शहर के कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी, होटल और अन्य व्यावसायिक परिसरों का औचक निरीक्षण किया। नगर निगम, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने फायर सेफ्टी एवं अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर दो होटल और दो कोचिंग-लाइब्रेरी संस्थानों को सील कर दिया गया।

निरीक्षण के दौरान टेलीफोन एक्सचेंज रोड स्थित गीता होटल के पीछे संचालित नवनिर्मित होटल रॉयल रामा और होटल अशोका में फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं मिलने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। वहीं शिवाय लाइब्रेरी और भारतीय कृषि कोचिंग इंस्टीट्यूट में भी सुरक्षा संबंधी गंभीर कमियां मिलने पर उनके संचालन पर रोक लगा दी गई।

जांच में पाया गया कि इन संस्थानों में पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं थे। कई स्टडी रूम में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्र मौजूद थे, भवन में पर्याप्त खुला स्थान नहीं था और आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित निकासी (इमरजेंसी एग्जिट) की समुचित व्यवस्था भी नहीं मिली। प्रशासन ने इसे छात्रों की सुरक्षा के साथ गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की।
नगर निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के प्रबंध संचालक प्रकाश कुमार सर्वे के निर्देश पर गठित टीम ने मंगला चौक से उसलापुर तक संचालित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दायरे में दिल्ली आईएएस कोचिंग, शारदा लाइब्रेरी, ऑफिसर्स लाइब्रेरी, बिलासा लाइब्रेरी, शिवाय लाइब्रेरी, उड़ान आईएएस, 24×7 लाइब्रेरी और भारतीय कृषि कोचिंग इंस्टीट्यूट सहित कई संस्थान शामिल रहे।
आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि फायर सेफ्टी मानकों का पालन नहीं करने वाले कोचिंग सेंटर, होटल और अस्पतालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि नेहरू नगर स्थित सनसाइन हॉस्पिटल तथा विनोबा नगर के निर्माणाधीन नर्सिंग होम की फाइलों की भी जांच कराई जाएगी। यदि किसी प्रकार की अनियमितता पाई गई तो नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

दो साल पहले भी हुई थी कार्रवाई, फिर भी नहीं सुधरे हालात
शहर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला नया नहीं है। वर्ष 2024 में जिला प्रशासन ने 24 कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी की जांच की थी। उस समय भी फायर सेफ्टी, भवन सुरक्षा, आपातकालीन निकासी मार्ग और विद्यार्थियों की क्षमता से जुड़े नियमों के उल्लंघन पाए गए थे। कई संस्थानों को नोटिस जारी किए गए थे और कुछ को सील भी किया गया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी अधिकांश स्थानों पर अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।
उस समय पुराना हाईकोर्ट रोड, उसलापुर, राजेंद्र नगर, गांधी चौक और दयालबंद क्षेत्र के कई कोचिंग संस्थानों की जांच हुई थी। इनमें दिल्ली आईएएस, पटेल ट्यूटोरियल्स, भारती कृषि कोचिंग संस्थान, मोशन इंस्टीट्यूट, टूटेजा ट्यूटोरियल्स, राजपूत ट्यूटोरियल्स, सहस्त्र अकादमी, सिद्धि लाइब्रेरी, गुरुकुल इंस्टीट्यूट, कंपटीशन लाइब्रेरी, चंद्रा कोचिंग सेंटर, सिंघल लाइब्रेरी, आशा लाइब्रेरी, कंपटीशन कम्युनिटी, आरजे लाइब्रेरी सीजी, कॉन्सेप्ट एकेडमी, आईएएस एकेडमी, एजुकेशन वैली कोचिंग, संध्या लाइब्रेरी, लक्ष्य लाइब्रेरी और ड्रीम दर्शन एकेडमी शामिल थीं।
अब निगरानी सबसे बड़ी चुनौती
शहर के कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी में प्रतिदिन हजारों छात्र अध्ययन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में फायर सेफ्टी, पर्याप्त निकासी मार्ग और भवन सुरक्षा जैसे मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन की ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबसे बड़ी चुनौती केवल जांच और नोटिस जारी करने तक सीमित न रहकर यह सुनिश्चित करना है कि संस्थान वास्तव में सभी सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
