

बिलासपुर। अरपा नदी को प्रदूषण से बचाने के उद्देश्य से मंगला में निर्माणाधीन 10 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का कार्य लगातार धीमी गति से चलने पर नगर निगम और स्मार्ट सिटी प्रशासन ने ठेका कंपनी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। निर्माण में लगातार देरी के बावजूद काम में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के प्रबंध संचालक प्रकाश कुमार सर्वे ने ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी दी है।
शनिवार को प्रकाश कुमार सर्वे ने शहर में चल रहे विभिन्न स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का निरीक्षण किया। मंगला स्थित 10 एमएलडी एसटीपी का निर्माण कार्य निर्धारित समय से काफी पीछे मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्माण एजेंसी मेसर्स श्रद्धा कंस्ट्रक्शन को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि तय समय सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर कंपनी पर अनुबंध के अनुसार 10 प्रतिशत अतिरिक्त पेनाल्टी लगाने के साथ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कोनी कन्वेंशन सेंटर में ऑडिटोरियम की चेयर इंस्टॉलेशन, ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग सहित शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा पुराने बस स्टैंड में निर्माणाधीन ऑटोमेटेड शटल टाइप मल्टीलेवल कार पार्किंग तथा मंगला और कोनी क्षेत्र में सड़क एवं नाली निर्माण कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की।
67 लाख रुपये की पेनाल्टी के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति
स्मार्ट सिटी अधिकारियों के अनुसार मंगला क्षेत्र में दो सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जा रहे हैं। इनमें 6 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, जबकि 10 एमएलडी एसटीपी का कार्य अब भी अधूरा है। निर्माण में देरी के चलते पहले 6 एमएलडी एसटीपी पर 26 लाख रुपये और 10 एमएलडी एसटीपी पर अब तक 41 लाख रुपये की पेनाल्टी लगाई जा चुकी है। इस तरह ठेका कंपनी पर कुल 67 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आई है।
ये प्रमुख स्मार्ट सिटी परियोजनाएं अब भी अधूरी
शहर में वर्तमान में कई महत्वपूर्ण स्मार्ट सिटी परियोजनाओं का निर्माण जारी है। इनमें 12.60 करोड़ रुपये की लागत से पुराने बस स्टैंड में ऑटोमेटेड शटल टाइप मल्टीलेवल कार पार्किंग, 29.51 करोड़ रुपये का कोनी कन्वेंशन सेंटर, 22.52 करोड़ रुपये की लागत से कोनी क्षेत्र में सड़क एवं नाली निर्माण, 16.93 करोड़ रुपये का 10 एमएलडी एसटीपी तथा 22.54 करोड़ रुपये की लागत से मंगला क्षेत्र में सड़क एवं नाली निर्माण कार्य शामिल हैं।
निगम आयुक्त एवं स्मार्ट सिटी के एमडी प्रकाश कुमार सर्वे ने कहा कि अधूरे कार्यों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन ठेकेदारों द्वारा समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा नहीं किया जाएगा, उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ब्लैकलिस्ट भी किया जाएगा।
