
आकाश मिश्रा
बिलासपुर। एक छात्र ने मस्तूरी थाना क्षेत्र के चार आरक्षकों पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर एक लाख रुपए की अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से किए जाने के बाद विभागीय जांच के निर्देश दिए गए हैं।
चकरभाठा निवासी छात्र समीर बंजारे ने अपनी शिकायत में बताया कि 15 जून की शाम वह ग्राम टिकारी गया था। इसी दौरान मस्तूरी थाने में पदस्थ आरक्षक नवीन बामडे, दिनेश निराला, अरविंद कुरें और अविनाश कश्यप वहां पहुंचे। छात्र का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और जबरन वाहन में बैठाकर मस्तूरी थाना ले गए।
शिकायत के अनुसार, थाने में उसे कई घंटों तक बैठाकर रखा गया तथा अवैध महुआ शराब तस्करी के झूठे मामले में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। छात्र का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई से बचाने के एवज में दो लाख रुपए की मांग की।
समीर ने बताया कि धमकी से घबराकर उसने अपने पिता मनोज बंजारे को फोन किया। बेटे को बचाने के लिए पिता ने कथित तौर पर खेत गिरवी रखकर एक लाख रुपए की व्यवस्था की। शिकायत में कहा गया है कि 84 हजार रुपए नकद थाने परिसर में लिए गए, जबकि शेष 16 हजार रुपए मस्तूरी के एक चॉइस सेंटर से बताए गए फोन-पे खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।
छात्र ने यह भी आरोप लगाया है कि राशि लेने के बावजूद अगले दिन 16 जून को उसके खिलाफ शराब सेवन का एक मामला ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया। शिकायत में थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की गई है, ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सके।
मामले को गंभीरता से लेते हुए बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। एसएसपी ने कहा है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल मामले की जांच जारी है।
