

छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय रैपर सिंगर एप्पी राजा, मूल नाम चेतन चांडक का 32 वर्ष की उम्र में एक ऑपरेशन के बाद शरीर में खून की कमी के चलते निधन हो गया। बस्तर के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर के रहने वाले एप्पी राजा ने अपने दम पर छत्तीसगढ़ी रैप को नई पहचान दिलाई। खराब आर्थिक स्थिति के चलते उन्हें गुजरात के सूरत में एक कपड़े की दुकान में 3-4 हजार महीने की नौकरी भी करनी पड़ी। एप्पी राजा को सबसे चर्चित पहचान उनके चर्चित रैप साॅन्ग टूरा भोको लोलो से मिली। अन्य चर्चित गीतों में आ जा रे टुरी तोला रसगुल्ला खवाहु, छत्तीसगढ़ी एंथम और चो-चो हस शामिल है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति कलाम और शहीद भगत सिंह पर भी रैप गीत तैयार किए थे। एप्पी राजा 13-14 वर्ष की उम्र से ही रैप सांग्स लिख रहे हैं। लेकिन आर्थिक अभावों के कारण वे कुछ नहीं कर पा रहे थे। सन् 2015 में पंजाब के सिंगर अक्स के कहने पर एप्पी राजा को लुधियाना के एक म्यूजिक कंपनी ने ब्रेक दिया। पंजाबी फिल्मों के म्यूजिक डायरेक्टर सरजीत शानू ने एप्पी को अपने स्टूडियो में रहने की जगह दी। ऐप्पी जब 11वीं कक्षा में थे, तो उनके पिता को हार्ट अटैक आया और वे बीमार रहने लगे। घर की माली हालत बिगड़ी तो मां ने सिलाई का काम शुरू किया। उनके निधन पर अनुज शर्मा , अमलेश नागेश समेत कई छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेताओं ने गहरा दुख जताया है।
