
शशि मिश्रा
सिम्स में सोमवार की सुबह अचानक आग लगने की खबर से हल्ला मच गया। आर्थोपेडिक वार्ड के सामने बिजली इन्कमिंग केबल में अचानक लगी, आग के कारण पूरे क्षेत्र में धुंआ भर गया, जिसके बाद सिम्स के कर्मचारियों की मुस्तैदी व गार्ड की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। हालांकि इस दौरान करीब 45 मिनट तक एक्सरे और सोनोग्राफी मशीन बंद रही।
सोमवार की सुबह 11 बजे अचानक सिम्स में अफरा तफरी मचने लगी, दरअसल आर्थोपेडिक वार्ड की ओपीडी के ठीक सामने लगे जनरेटर और बिजली के इनकमिंग
केबल से धुंआ निकलता दिखा, इस दौरान केबल भरभरा कर जलने लगा, जिसके बाद गार्ड और कर्मचारियों ने मुस्तैदी दिखाई। सबस्टेशन से बिजली बंद कर पहले आग पर काबू पाया गया, और करीब आधे घंटें की मशक्कत के बाद नया इनकमिंग केबल जोड़ दिया गया। इस दौरान सिम्स के फायर सेफ्टी टीम ने फायर एक्जीबिशन का बखूबी उपयोग किया और लोगों की जान और सिम्स की सुरक्षा की। खास बात यह है कि यह पार्किंग एरिया के आसपास ही मौजूद है और इसके ठीक बाजू में जनरेटर रखा गया है, जिससे आग भड़कने का अंदेशा मंडराने लगा था, लेकिन कर्मचारियों ने जैसे तैसे आग पर काबू पा लिया था।
रेडियोलॉजी विभाग में मशीन बंद
आग लगने के कारण केबल बदलने के लिए ट्रांसफार्मर से सप्लाई रोकी गई थी, इस दौरान करीब आधे घंटे तक कर्मचारियों ने केबल बदलने में मशक्कत की और करीब 45 मिनट तक रेडियोलॉजी विभाग की एक्सरे व सोनोग्राफी मशीनों को बंद किया गया था, वहीं सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें डीजी बैकअप के कारण चालू रही, हालांकि वेटिंग के मरीजों का बाद में एक्सरे और सोनोग्राफी की गई।
