
बिलासपुर। नगर निगम ने घुरू क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब तीन एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया। भवन शाखा और जोन क्रमांक-1 की संयुक्त टीम ने गुरू गौर कॉलोनी एवं गोकुलधाम से लगे क्षेत्रों में बिना ले-आउट, डायवर्सन और विभागीय अनुमति के की जा रही प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान सड़क, बाउंड्रीवाल, फेंसिंग और निर्माणाधीन दो मकानों को तोड़ा गया, जबकि लगाए गए विद्युत पोल हटाकर जब्त कर लिए गए।
निगम की कार्रवाई के दौरान मौके पर तनाव की स्थिति भी बनी रही, जिसे देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया था। क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने नौ मकानों को हालांकि कार्रवाई से अलग रखा गया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार घुरू स्थित खसरा नंबर 592 और 607 में लगभग दो एकड़ भूमि पर लवकुमार, कुश कुमार और जयप्रकाश द्वारा अवैध रूप से प्लाट काटकर बिक्री किए जाने तथा शासकीय भूमि पर कब्जा करने की शिकायतें मिली थीं। जांच के बाद निगम ने निर्मित सड़क, फेंसिंग, बाउंड्रीवाल और अन्य संरचनाओं को हटाने की कार्रवाई की।
इसी तरह खसरा नंबर 96/1 और 96/2 की लगभग एक एकड़ भूमि पर गोकुलधाम स्थित नारायणी होम्स के पास अर्चना, प्रवीण, आरती, अनिता, पूजा, संतोष और विनोद द्वारा कथित रूप से अवैध प्लाटिंग की जा रही थी। यहां भी निगम ने सड़क और बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया।
नगर निगम का कहना है कि कृषि भूमि पर बिना डायवर्सन और स्वीकृत ले-आउट के छोटे-छोटे प्लाट काटकर बिक्री करने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसी के तहत एक्सीवेटर की मदद से अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों में सड़क, फेंसिंग और अन्य निर्माण हटाए गए तथा बिजली के खंभों समेत सामग्री जब्त की गई।
गौरतलब है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध प्लाटिंग की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। सकरी, लोखंडी, मंगला, तखतपुर, उसलापुर, मोफ्का, खमतराई, बहतराई, बिजौर, तोरवा, कोनी, सिरगिट्टी और तिफरा जैसे इलाकों में भी अनियोजित विकास और बिना अनुमति प्लाटिंग के मामले सामने आते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सस्ते प्लाट के लालच में खरीदार ठगी का शिकार हो रहे हैं, जबकि प्रशासनिक नियंत्रण के अभाव में ऐसी गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
निगम की इस कार्रवाई को अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना वैधानिक अनुमति के की जाने वाली प्लाटिंग और निर्माण के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा।
