

सकरी ग्राम हॉफा में परमा एकादशी के पावन अवसर पर सिद्ध बघर्रा पाठ भगवान नृसिंह मंदिर में भव्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया इस विशेष दिन पर भगवान विष्णु की आराधना के साथ-साथ श्री रामचरितमानस का पाठ और एकादशी व्रत कथा का वाचन किया गया मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य धनेश उपाध्याय जी ने बताया हमारे
हिंदू धर्म में परमा एकादशी व्रत अत्यंत खास और महत्वपूर्ण माना गया है और यह एकादशी व्रत हर तीन साल में एक बार पुरुषोत्तम मास में आता है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत करने और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से सभी समस्त पापों से मुक्ति मिलती है यह व्रत 100 यज्ञों के समान पुण्य प्रदान कराने वाला है इस व्रत के प्रभाव से धन-संपदा में वृद्धि होती है और व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत में मोक्ष प्राप्त करता है मान्यता है कि परमा एकादशी के दिन आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने के लिए किये गए उपाय अत्यंत लाभकारी होते हैं आचार्य जी ने बताया परमा का अर्थ श्रेष्ठ या सर्वोत्तम होता है मान्यता है कि परमा एकादशी व्रत सभी एकादशी व्रतों में सबसे ज्यादा पुण्य फल प्रदान करती है इस व्रत को करने से साधक को अश्वमेध यज्ञ के समान फल मिलता है शाम को आयोजित महा आरती में क्षेत्र के श्रद्धालु शामिल हुए शंख ध्वनि और जयकारों के बीच भगवान नृसिंह की आरती उतारी गई और सभी के कल्याण की कामना की गई आरती के उपरांत भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया इस आयोजन में बड़ी संख्या में शामिल हुए श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति-भाव के साथ धर्मलाभ कमाया कार्यक्रम में उपस्थित मानस प्रेमी एवं भक्तों में पंडित शत्रुघ्न उपाध्याय, पंडित रामकुमार उपाध्याय, रमेश अवस्थी,डॉ महेंद्र दुबे, संजय तिवारी, , शरत चंद पाण्डेय,सोनल उपाध्याय, ज्योति पाण्डेय,क्रियांश उपाध्याय,हेमाक्षी ,भेदी कैवर्त, रमेश उपाध्याय, संजीव मिश्रा ,किरण दुबे, राजेंद्र तिवारी,रामलाल कश्यप,अवधेश गुप्ता राजेंद्र उपाध्याय, जितेंद्र तिवारी,ब्रम्हानंद यादव,एवं समस्त भक्त उपस्थित रहे
