स्कूली छात्रा के साथ छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार

बिलासपुर पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बिल्हा थाना क्षेत्र में स्कूली छात्रा का पीछा करने और उसके साथ छेड़खानी करने वाला फरार आरोपी सागर आडिल आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। सायबर सेल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस कर उसे गिरफ्तार किया गया, जिसे कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

परीक्षा देकर लौट रही छात्रा का पकड़ा था हाथ

मामला फरवरी महीने का है। पीड़िता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि 21 फरवरी 2026 को वह अपनी परीक्षा देकर घर लौट रही थी। इसी दौरान स्कूल के पास केशला निवासी सागर आडिल (18 वर्ष 06 माह) ने बदनीयती से उसका बांया हाथ पकड़ लिया। जब छात्रा ने इसका विरोध किया, तो आरोपी उसके साथ अश्लील गाली-गलौज करने लगा। इस घटना के बाद से ही आरोपी लगातार छात्रा का पीछा कर उसे परेशान कर रहा था।

पीड़िता की शिकायत पर दर्ज हुआ था पॉक्सो एक्ट

परेशान होकर पीड़िता ने 27 अप्रैल 2026 को थाने में लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। चूंकि पीड़िता नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने छात्रा के जन्म संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन करने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 296, 115(2), 74, 78(2) और 08 पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। महिला पुलिस अधिकारी और कोर्ट में पीड़िता के बयान भी दर्ज कराए गए।

सायबर सेल की मदद से पकड़ा गया आरोपी

घटना के बाद से ही आरोपी सागर आडिल गिरफ्तारी के डर से फरार चल रहा था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। बिलासपुर पुलिस उप महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री अनिता प्रभा मिंज के मार्गदर्शन में एक टीम का गठन किया गया। सायबर सेल की मदद से आरोपी का सुराग जुटाया गया और मंगलवार को उसे घेराबंदी कर दबोच लिया गया।

पूछताछ में कबूला जुर्म, भेजा गया जेल

थाना लाकर की गई कड़ी पूछताछ में आरोपी सागर आडिल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बिलासपुर के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो न्यायालय) के समक्ष पेश किया, जहां से रिमांड स्वीकृत होने के बाद आरोपी को केंद्रीय जेल दाखिल कर दिया गया है।
इस पूरी धरपकड़ और कानूनी कार्रवाई में बिल्हा थाना प्रभारी निरीक्षक तोपसिंह नवरंग, उप निरीक्षक जी एल चन्द्राकर, प्रधान आरक्षक अनिल बंजारे और आरक्षक संतोष मरकाम की मुख्य भूमिका रही।

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