

बिलासपुर। पचरीघाट बराज तक पहुंचने वाली खतरनाक खड़ी सड़क को हटाकर अब 50 मीटर लंबी नई एप्रोच रोड बनाई जा रही है। जल संसाधन विभाग ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। नई सड़क बनने से बराज तक आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम होगा तथा दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी।
जानकारी के अनुसार पहले बनाई गई एप्रोच रोड की ढाल काफी अधिक थी, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। विभागीय जांच में यह सामने आया था कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि नगर निगम से जल संसाधन विभाग को हस्तांतरित नहीं हुई थी। इसी वजह से शुरुआत में अस्थायी सड़क बनाकर काम चलाया गया था। अब भूमि उपलब्ध होने के बाद स्थायी और मानक अनुरूप एप्रोच रोड का निर्माण शुरू कर दिया गया है।
नई सड़क बराज से साईं बाबा मंदिर तक लगभग 50 मीटर लंबाई में बनाई जाएगी। निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए संबंधित मार्ग को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि चौपाटी तक पहुंचने वाला रास्ता पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और यातायात व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी पुल या बराज की ऊंचाई की तुलना में एप्रोच रोड की लंबाई कम से कम तीन गुना होना आवश्यक है, ताकि सड़क की ढाल सुरक्षित और मानकों के अनुरूप रहे। इसी तकनीकी मानक को ध्यान में रखकर नई एप्रोच रोड तैयार की जा रही है।
इधर, करीब 120 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे अरपा बराज का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। जल संसाधन विभाग पचरीघाट और शिवघाट क्षेत्र में पानी रोकने का सफल ट्रायल कर चुका है। विभाग का दावा है कि इस वर्ष बारिश के बाद बराज में नियमित रूप से पानी रोका जाएगा, जिससे सेंदरी स्थित अरपा चेकडैम तक नदी में जलभराव बना रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना के पूरा होने के बाद अरपा नदी में वर्षभर पानी दिखाई देगा। इससे भूजल स्तर को स्थिर रखने और गिरते ग्राउंड वाटर को रिचार्ज करने में भी मदद मिलेगी। नई एप्रोच रोड और बराज परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र की यातायात और जल संरक्षण व्यवस्था को महत्वपूर्ण लाभ मिलने की उम्मीद है।
