एमआईसी बैठक में ‘निष्क्रिय’ टिप्पणी पर हंगामा, मेयर और सदस्य बंधु मौर्य के बीच तीखी नोकझोंक

बिलासपुर। नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) की सोमवार को हुई बैठक में एक टिप्पणी को लेकर जमकर विवाद हो गया। बैठक के दौरान सदस्यों के लिए अलग कक्ष (चेंबर) की मांग पर चर्चा करते हुए मेयर पूजा विधानी द्वारा कुछ सदस्यों को ‘निष्क्रिय’ बताए जाने पर सदस्य बंधु मौर्य भड़क गए। दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद अन्य सदस्यों को हस्तक्षेप कर मामला शांत कराना पड़ा।

बैठक में बेलतरा क्षेत्र से आने वाले एमआईसी सदस्य तिलक साहू ने दूसरी बार सदस्यों के लिए अलग कक्ष की व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कुछ सदस्यों को ही चेंबर उपलब्ध कराया गया है, जबकि अधिकांश सदस्यों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि उपलब्ध कक्षों में सीलन और बदबू की समस्या है।

इस पर मेयर पूजा विधानी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकांश सदस्य नियमित रूप से नहीं आते और आते भी हैं तो कुछ देर रुककर चले जाते हैं। उन्होंने सदस्यों को ‘निष्क्रिय’ बताते हुए कक्ष की आवश्यकता पर सवाल उठाया।

मेयर की इस टिप्पणी पर सदस्य बंधु मौर्य ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी सदस्य को निष्क्रिय बताने का अधिकार मेयर को नहीं है। मौर्य ने कहा, “यदि हम निष्क्रिय होते तो चुनाव कैसे जीतते? आप भी हमारे सहयोग और सक्रियता के कारण मेयर बनी हैं।” इस टिप्पणी के बाद बैठक का माहौल गर्म हो गया और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

विवाद बढ़ने पर अन्य सदस्यों ने बीच-बचाव किया। सदस्य प्रकाश यादव ने कहा कि पहले सभी एमआईसी सदस्यों को अलग-अलग चेंबर उपलब्ध रहते थे और वर्तमान में भी ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए। बाद में मेयर ने कहा कि नए चेंबर बनने तक सदस्य उनके कक्ष का उपयोग कर सकते हैं। इसके बाद मामला शांत हुआ।

शनिचरी बाजार की दुकानों की लीज बढ़ाने पर भी मतभेद

बैठक में शनिचरी बाजार की दुकानों की लीज अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव भी चर्चा का विषय बना। मेयर ने लीज बढ़ाने का समर्थन किया, लेकिन बंधु मौर्य ने इसका विरोध करते हुए कहा कि वर्षों पहले और वर्तमान समय में जमीन की कीमतों में बड़ा अंतर आ चुका है। उन्होंने मछली मार्केट के सामने स्थित जर्जर दुकानों को हटाकर वहां मल्टीलेवल पार्किंग विकसित करने का सुझाव दिया।

वहीं तिलक साहू ने अपने वार्ड में एलईडी स्ट्रीट लाइट नहीं लगाए जाने का मुद्दा उठाया। इस पर निगम आयुक्त ने बजट की कमी का हवाला दिया। जवाब से असंतुष्ट कई सदस्यों ने कहा कि अन्य मदों में खर्च के लिए राशि उपलब्ध है, लेकिन जनता से जुड़े आवश्यक कार्यों के लिए बजट का अभाव बताया जा रहा है।

अवैध निर्माण और सड़क चौड़ीकरण पर भी चर्चा

बैठक में एमआईसी सदस्य संजय यादव ने मंदिर चौक स्थित सील किए गए अवैध निर्माण के संबंध में जानकारी मांगी। भवन अधिकारी ने बताया कि संबंधित भवन मालिक को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल चुकी है, इसलिए भवन को तोड़ने की कार्रवाई फिलहाल संभव नहीं है।

बैठक में कुल 17 प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दी गई। चांटीडीह मोड़ से मुक्तिधाम होते हुए रामसेतु तक सड़क चौड़ीकरण के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इसके अलावा सुभाष चौक से रामसेतु तक सड़क का नाम सिंधी समाज के डॉ. वेंसी रेलुमल तीर्थानी के नाम पर रखने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

अधिकांश एमआईसी सदस्यों के पास नहीं है चेंबर

जानकारी के अनुसार, पूर्व मेयर किशोर राय और समशरण यादव के कार्यकाल में सभी एमआईसी सदस्यों के लिए अलग-अलग चेंबर उपलब्ध थे। वर्तमान 14 सदस्यीय एमआईसी में केवल चार सदस्यों को ही चेंबर मिला है, जबकि शेष सदस्यों के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। पूर्व में बनाए गए क्यूबिकल सीलन और बाथरूम की बदबू के कारण उपयोग योग्य नहीं माने जा रहे हैं। इसी मुद्दे को लेकर बैठक में असंतोष खुलकर सामने आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!