

जून का पहला सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 10 दिनों के भीतर बुध, बृहस्पति और शुक्र जैसे तीन प्रमुख ग्रह राशि परिवर्तन कर रहे हैं। इनमें सबसे महत्वपूर्ण घटना 2 जून को देवगुरु बृहस्पति का अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश है। लगभग 12 वर्षों बाद गुरु कर्क राशि में गोचर कर रहे हैं, जिसे ज्योतिष में अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना जाता है।
देवगुरु बृहस्पति 2 जून की मध्यरात्रि 1:50 बजे मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं और 31 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे। इसके बाद वे अतिचारी होकर सिंह राशि में जाएंगे तथा जनवरी 2027 में पुनः कर्क राशि में लौटेंगे।

ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि गुरु, बुध और शुक्र के लगातार राशि परिवर्तन का प्रभाव शिक्षा, रोजगार, व्यापार, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक गतिविधियों और कौशल विकास योजनाओं पर देखने को मिल सकता है। गुरु वर्तमान विक्रम संवत 2083 के राजा ग्रह भी माने जाते हैं, इसलिए उनका उच्च राशि में प्रवेश प्रशासनिक निर्णयों, न्याय व्यवस्था और सामाजिक संतुलन पर सकारात्मक प्रभाव डालने वाला माना जा रहा है।
समाज, शिक्षा और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार गुरु के उच्च राशि में गोचर से धार्मिक आयोजनों, तीर्थ यात्राओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आध्यात्मिक गतिविधियों में वृद्धि हो सकती है। शिक्षा, शोध, प्रतियोगी परीक्षाओं और कौशल विकास से जुड़े क्षेत्रों को भी गति मिलने की संभावना जताई गई है। रोजगार के नए अवसर बनने के संकेत भी बताए जा रहे हैं।
8 जून को शुक्र का राशि परिवर्तन
भौतिक सुख-सुविधा, वैभव और विलासिता के कारक शुक्र ग्रह 8 जून को मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। 4 जुलाई तक शुक्र और बृहस्पति की युति बनी रहेगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग आर्थिक गतिविधियों, सामाजिक आयोजनों और वैवाहिक मामलों के लिए शुभ माना जाता है।
बुध से बना भद्र राजयोग
पीतांबरा पीठ के पीठाधीश्वर आचार्य दिनेश महाराज ने बताया कि बुध ग्रह 30 मई को अपनी स्वराशि मिथुन में प्रवेश कर चुके हैं। इससे भद्र राजयोग का निर्माण हुआ है, जो बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है। बुध 22 जून तक मिथुन राशि में रहेंगे, जिससे विद्यार्थियों, कारोबारियों और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।
इन राशियों को विशेष लाभ
- कर्क: सम्मान, प्रतिष्ठा और आय में वृद्धि के योग।
- कन्या: करियर में प्रगति और रोजगार के नए अवसर।
- तुला: करियर व सामाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी, नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत।
- वृश्चिक: भाग्य का साथ, यात्रा, व्यवसाय और करियर में लाभ।
- मकर: पदोन्नति, आय वृद्धि और साझेदारी वाले कार्यों में सफलता।
- मीन: शिक्षा, करियर, संतान सुख और आर्थिक लाभ के लिए अनुकूल समय।
इन राशियों को बरतनी होगी सावधानी
- धनु: निवेश और आर्थिक निर्णय सोच-समझकर लें।
- कुंभ: जल्दबाजी और जोखिम से बचें।
- सिंह: स्वास्थ्य और खर्चों पर नियंत्रण रखें।
- मिथुन: समय प्रबंधन और पारिवारिक संतुलन बनाए रखें।
गुरु कमजोर हों तो करें ये उपाय
- गुरुवार का व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करें।
- पीले वस्त्र, चना दाल, हल्दी, केसर या पीले फलों का दान करें।
- “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें।
- केले के वृक्ष की पूजा तथा पीपल की सेवा करें।
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि गुरु के उच्च राशि में गोचर, बुध के भद्र राजयोग और शुक्र-बृहस्पति युति का यह संयोग वर्ष 2026 की प्रमुख ज्योतिषीय घटनाओं में शामिल है, जिसका प्रभाव व्यक्तिगत जीवन से लेकर सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक गतिविधियों तक देखने को मिल सकता है।
