जल संकट से जूझ रहा शहर, 70 वार्डों के लिए सिर्फ 35 टैंकर; एक महीने में 175 पंप हुए खराब

बिलासपुर। भीषण गर्मी के बीच शहर में जल संकट लगातार गहराता जा रहा है। भूजल स्तर में गिरावट, बोर और पंपों की खराबी तथा सीमित संसाधनों के कारण कई वार्डों में लोगों को समय पर पानी नहीं मिल पा रहा है। नगर निगम के पास 70 वार्डों के लिए केवल 35 पानी के टैंकर उपलब्ध हैं, जिसके चलते कई इलाकों में लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।

शहर के लगभग हर वार्ड में किसी न किसी मोहल्ले में पेयजल संकट की स्थिति बनी हुई है। बिजली कटौती और जलस्तर गिरने से टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मेयर पूजा विधानी के वार्ड स्थित आईएचएसडीपी आवास में भी हाल ही में पानी की समस्या सामने आई थी, जिसका विरोध होने के बाद समाधान किया गया।

नगर निगम ने सभी जोनों में कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जहां पाइप लाइन लीकेज, गंदे पानी और जलापूर्ति बाधित होने जैसी शिकायतों का निराकरण किया जाना है। हालांकि जोन स्तर पर समस्याओं के समाधान में अपेक्षित गति नहीं होने से अधिकांश शिकायतों का दबाव जल विभाग पर आ गया है।

एक महीने में 175 पंप खराब

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार शहर में प्रतिदिन औसतन 4 से 6 पंप खराब हो रहे हैं। पिछले एक महीने में 175 पंपों में खराबी दर्ज की गई है। वर्तमान में सरकंडा, खमतराई, बिजौर, अशोक नगर, हेमू नगर और तोरवा सहित कई क्षेत्रों में बोर और पंप खराब होने से जलापूर्ति प्रभावित है।

जलस्तर में गिरावट के कारण अधिकांश इलाकों में लो-प्रेशर की समस्या भी गंभीर हो गई है। निगम का दावा है कि शहर की टंकियों और पावर पंपों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 7.20 करोड़ लीटर पानी की आपूर्ति की जा रही है, लेकिन मांग के मुकाबले यह पर्याप्त साबित नहीं हो रही।

कई इलाकों में गहराया संकट

तालापारा, मगरपारा और कुम्हारपारा क्षेत्र के करीब 10 हजार घरों में जलापूर्ति होती है, लेकिन इनमें से लगभग 4 से 5 हजार घर लो-प्रेशर की समस्या से प्रभावित हैं। सिरगिट्टी में 3 से 4 हजार घरों तक पानी की आपूर्ति प्रभावित है, जहां एक पंप पिछले एक सप्ताह से खराब पड़ा है।

देवरीखुर्द में तालाब सूखने के कारण भूजल स्तर नीचे चला गया है और कई मोहल्लों में टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है। तिफरा स्थित खूबचंद बघेल नगर में भी हजारों परिवार जल संकट का सामना कर रहे हैं। सरकंडा के वार्ड 62 और 66 में बोर खराब होने से समस्या और बढ़ गई है। वहीं विनोबा नगर, विद्यानगर और बहतराई क्षेत्र के नागरिक भी जलापूर्ति बाधित होने की शिकायत कर रहे हैं।

नए बोर भी नहीं दे पा रहे राहत

पार्षदों की मांग पर इस गर्मी में मोपका, जोरापारा, अज्ञेय नगर, स्वर्ण जयंती नगर, तालापारा, मगरपारा, खमतराई, सकरी और उसलापुर समेत कुछ चुनिंदा इलाकों में करीब 15 नए बोर कराए गए हैं। इसके बावजूद जलस्तर में गिरावट के कारण अपेक्षित राहत नहीं मिल सकी है। कई क्षेत्रों में लोगों का आरोप है कि टैंकर की मांग करने पर भी पानी दोपहर बाद पहुंचता है।

सभापति ने उठाए सवाल

नगर निगम सभापति विनोद सोनी ने जल प्रबंधन को लेकर अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वे पिछले चार महीनों से लगातार पत्र लिखकर व्यवस्था सुधारने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि नए टैंकर खरीदे जाने के बावजूद उन्हें अभी तक पूरी तरह संचालन में नहीं लाया गया है।

मेयर बोलीं- समस्या के समाधान का प्रयास जारी

मेयर पूजा विधानी ने कहा कि जहां-जहां पानी की समस्या है, वहां टैंकरों के माध्यम से जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि निगम ने 12 नए टैंकर खरीदे हैं और एक टैंकर कई इलाकों में जाकर पानी पहुंचा रहा है। पंप और बोर की खराबी को लेकर उन्होंने कहा कि उन्हें जल्द से जल्द ठीक कराने का प्रयास किया जाता है, लेकिन कई बार तकनीकी कारणों और संचालन संबंधी समस्याओं के कारण मरम्मत में समय लग जाता है।

शहर में बढ़ती गर्मी और घटते भूजल स्तर के बीच पेयजल संकट नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। नागरिकों को अब स्थायी समाधान और बेहतर जल प्रबंधन की उम्मीद है।

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